- जेपी पावर वेंचर्स का सुरक्षाकर्मी निकला आरोपी, सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, कमरे से दान सामग्री और नकदी बरामद
गोपेश्वर (चमोली)। श्री बद्रीनाथ मंदिर के बहुचर्चित चढ़ावा चोरी प्रकरण में चमोली पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने तीसरे आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में एक और बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपी मनोज कुमार जेपी पावर वेंचर्स लिमिटेड के लामबगड़ बैराज में सुरक्षाकर्मी के पद पर तैनात था। वह परियोजना के अधिकारियों के अतिथियों और रिश्तेदारों को वीआईपी दर्शन कराने के लिए अक्सर मंदिर आता था। इसी दौरान वह श्रद्धालुओं के चढ़ावे पर हाथ साफ करता था।
श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के प्रभारी मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की शिकायत पर आठ जुलाई को दर्ज मुकदमे की जांच एसआईटी कर रही है। इससे पहले मंदिर समिति के कर्मचारी प्रमोद नौटियाल और पूर्व कर्मचारी राजेंद्र चौहान को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। एसआईटी ने 25 और 29 जून की सीसीटीवी फुटेज का गहन परीक्षण किया। फुटेज में मनोज कुमार थाली भेंट में आए दान में से सामान निकालकर जेब में रखते हुए साफ दिखाई दिया। सात अगस्त को पूछताछ के दौरान जब उसे फुटेज दिखाई गई तो उसने चोरी की बात स्वीकार कर ली।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि चोरी की गई कुछ सामग्री उसने अपने लामबगड़ स्थित कमरे में छिपाकर रखी थी, जबकि कुछ सामान यात्रियों को बेच दिया था। बिक्री से मिली राशि का एक हिस्सा कंपनी के अधिकारियों के अतिथियों के सत्कार में खर्च करने की बात भी उसने स्वीकार की। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के मोबाइल फोन की रिसायकल बिन से चोरी की गई सामग्री की तस्वीरें भी मिलीं। आरोपी ने बताया कि चोरी के बाद वह सामान को अपने कमरे में बेडशीट पर सजाकर उसकी फोटो खींचता था और बाद में तस्वीरें डिलीट कर देता था।
आरोपी की निशानदेही पर उसके कमरे से चांदी और अन्य धातुओं के आभूषण, सिक्के, प्रतिमा, कंगन, ब्रेसलेट, मोर पंख व लाल नग युक्त दंड, चोरी की सामग्री बेचकर अर्जित छह हजार रुपये नकद तथा वह बेडशीट बरामद की गई, जिस पर चोरी का सामान रखकर फोटो खींची जाती थीं। पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार के निर्देशन में गठित एसआईटी इस पूरे प्रकरण की गहन जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।
