• 2,89,055 से अधिक लोग विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित
  • 47,759 शिकायतें प्राप्त, 32,176 का त्वरित निस्तारण
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सुशासन का सशक्त मॉडल स्थापित

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान निरंतर जनसेवा और सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रहा है। यह अभियान राज्य सरकार की पारदर्शी, जवाबदेह और संवेदनशील कार्यशैली का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसके माध्यम से शासन स्वयं जनता के द्वार तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है।

प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित शिविरों के माध्यम से अब तक 622 कैंपों का सफल आयोजन किया जा चुका है। 12 फरवरी 2026 को प्रदेश में 8 कैंपों का आयोजन किया गया, जिनमें 3,939 नागरिकों ने प्रतिभाग किया। अभियान के आरंभ से अब तक कुल 4,84,023 नागरिकों ने इन कैंपों में सहभागिता कर अपनी समस्याएं, सुझाव एवं आवेदन प्रस्तुत किए हैं।

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शिकायतों का त्वरित निस्तारण – सरकार की प्राथमिकता

अभियान के अंतर्गत प्राप्त जनशिकायतों पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है। अब तक कुल 47,759 शिकायत पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 32,176 शिकायतों का निस्तारण प्रभावी रूप से किया जा चुका है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार केवल शिकायतें सुन ही नहीं रही, बल्कि समयबद्ध समाधान भी सुनिश्चित कर रही है।

प्रमाण पत्र वितरण एवं प्रशासनिक सेवाओं में तेजी

कैंपों के माध्यम से विभिन्न प्रकार के प्रमाण पत्र जारी करने हेतु प्राप्त एवं आवेदित पत्रों की संख्या 68,101 तक पहुंच चुकी है। इन शिविरों के जरिए आय, जाति, निवास सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण पत्रों का निर्गमन सरल एवं सुगम बनाया गया है, जिससे आमजन को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल रही है।

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योजनाओं का सीधा लाभ – अंतिम व्यक्ति तक पहुंच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। अब तक 2,89,055 से अधिक नागरिकों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया जा चुका है। यह आंकड़ा सरकार की प्रतिबद्धता और प्रभावी क्रियान्वयन का स्पष्ट प्रमाण है।

सुशासन का मजबूत मॉडल

“जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उस कार्यशैली को दर्शाता है, जिसमें सरकार जनता के बीच जाकर समस्याओं का समाधान करती है। यह पहल केवल एक प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंड में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की नई परंपरा का सूत्रपात है।

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मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि प्रत्येक शिकायत का गंभीरता से परीक्षण कर समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि प्रशासनिक सेवाओं को सरल, सुगम एवं जनहितकारी बनाते हुए “सरकार आपके द्वार” की अवधारणा को पूर्ण रूप से साकार किया जाए।

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