गोपेश्वर (चमोली)। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन निर्माण के लिए लंबित प्रकरणों को तत्काल समाधान पर करने पर जोर दिया गया। इसके तहत वन भूमि हस्तांतरित करने के साथ ही प्रभावितों को प्रतिकर दिए जाने में तेजी लाने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में रेल लाइन को लेकर तमाम लंबित कार्यों के निस्तारण में तेजी लाने का संकल्प लेते हुए बैडाणू एवं खत्याडी की चयनित भूमि को बदरीनाथ वन प्रभाग को हस्तांतरित करने और कोलडा गांव में निजी नाप भूमि के प्रभावितों को प्रतिकर वितरण मामलों को जल्द निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।

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सिवाई एवं लंगाली नाप भूमि की कार्रवाई पर बल देते हुए बैठक में स्टेशन  यार्ड निर्माण कार्य प्रारंभ करने के लिए सिवाई तथा  भट्टनगर  में रेलवे की ओर से अधिग्रहित भूमि का  सीमांकन जल्द करने पर जोर दिया गया। कोलड़ा गांव में भूमि के सापेक्ष अनुसूची-2 के तहत धनराशि की डिमांड की गई। ग्राम लंगाली व कोलड़ा में प्रस्तावित अतिरिक्त रेलवे स्टेशन यार्ड  विस्तारीकरण के  लिए प्रत्यावर्ती वन भूमि में वृक्षों का पातन करने तथा लंबित मामलों के निस्तारण के लिए डीएम गौरव कुमार ने पोखरी तथा कर्णप्रयाग के उप जिलाधिकारियों और बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ को जरूरी निर्देश देते हुए अधिकारियों को आपसी समन्वय बनाते हुए तत्काल प्रभाव से मामलों का निस्तारण करने को कहा। उनका कहना था कि रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत की जानी चाहिए और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए।

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इस दौरान बदरीनाथ वन प्रभाग के डीएफओ प्रभाग सर्वेश कुमार दुबे, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, रेल विभाग के अधिकारी सूरज प्रकाश, मोहन सिंह बिष्ट तथा संबंधित उप जिला अधिकारी वीसी से जुड़े रहे।

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