सहारनपुर/देहरादून : दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के मोहंड क्षेत्र में एलिवेटेड रोड पर पेंट से लिखा गया आपत्तिजनक नारा “यह सड़क मुसलमानों के लिए नहीं है” सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ लोग (जिन्हें हिंदू रक्षा दल से जुड़े बताया जा रहा है) दीवार पर यह संदेश लिखते और जय श्री राम जैसे नारे लगाते नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना का विडियो वायरल  

वीडियो में दिखाया गया है कि दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे के मोहंड एलिवेटेड रोड (उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा के पास) पर कुछ कार्यकर्ता पेंट से बड़े-बड़े अक्षरों में “यह रोड मुसलमानों के लिए नहीं है” और अंग्रेजी में “This road is not for Muslims” लिख रहे हैं। वीडियो में भगवा पट्टा पहने महिलाएं और पुरुष शामिल दिख रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे रिकॉर्ड कर रहे हैं। यह घटना होली से ठीक पहले हुई है, जिससे धार्मिक तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

यह भी पढ़ें :  स्वामी विवेकानंद ई-लाइब्रेरी योजना के माध्यम से मिलेगी ई बुक की सुविधा, एक ही प्लेटफार्म पर उपलब्ध होंगी विभिन्न राष्ट्रिय अन्तराष्ट्रीय स्तर के प्रकाशकों की उत्कृष्ट पुस्तकें

हिंदू रक्षा दल का दावा

हिंदू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने घटना की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा, “हम टैक्स देते हैं, इसलिए सड़क पर चलना हमारा अधिकार है। जेहादी टैक्स नहीं देते, तो उन्हें सड़क पर चलने का हक नहीं है।” संगठन का दावा है कि यह उनकी महिला विंग के कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया कार्य है।

पुलिस कार्रवाई

सहारनपुर जिले के बिहारी गढ़ थाना प्रभारी अक्षय शर्मा ने बताया कि वीडियो उनके संज्ञान में आया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपियों की पहचान तथा जांच जारी है। पुलिस ने इसे साम्प्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने की कोशिश करार दिया है। कुछ रिपोर्ट्स में घटना को गाजियाबाद या सहारनपुर सीमा से जोड़ा गया है, लेकिन मुख्य स्थान मोहंड एलिवेटेड रोड बताया जा रहा है।

यह भी पढ़ें :  दिल्ली से देहरादून तक एक सूत्र : धामी की कार्यकुशलता और मोदी का विश्वास बना उत्तराखंड की ताकत

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने इसे घृणा फैलाने वाला कृत्य बताया, जबकि कुछ ने संगठन के बयान का समर्थन किया। विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक संपत्ति पर ऐसे नारे लिखना कानूनी रूप से दंडनीय है और यह सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *