अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के दौरान द्वितीय तल पर श्रीराम यंत्र की विधिवत प्रतिष्ठापना की गई। इस पावन अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संतों और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मौजूद रहीं। यह श्रीराम यंत्र दो वर्ष पूर्व जगद्गुरु शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती द्वारा अयोध्या भेजा गया था।

पहले से चल रहा था वैदिक अनुष्ठान

श्रीराम यंत्र की स्थापना से पहले मंदिर परिसर में नौ दिवसीय वैदिक अनुष्ठान प्रारंभ हो चुका था। यह यंत्र वैदिक गणित और ज्यामितीय संरचनाओं पर आधारित माना जाता है, जिसे देवताओं का निवास और सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत समझा जाता है। इस अनुष्ठान में दक्षिण भारत, काशी और अयोध्या के विद्वान आचार्यों ने भाग लिया।

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कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आध्यात्मिक गुरु मां अमृतानंदमयी सहित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

1000 भक्तों के साथ पहुंचीं ‘अम्मा’

समारोह में शामिल होने के लिए केरल से मां अमृतानंदमयी अपने लगभग 1000 भक्तों के साथ अयोध्या पहुंचीं। उनके अनुयायी उन्हें ‘अम्मा’ के नाम से संबोधित करते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 में फरीदाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया था।

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अयोध्या से मथुरा के लिए रवाना हुईं राष्ट्रपति

कार्यक्रम के उपरांत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या से मथुरा के लिए रवाना हो गईं। मथुरा में वे इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर में दर्शन करेंगी तथा 20 मार्च को संत प्रेमानंद महाराज से भेंट भी करेंगी।

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