रामनगर : नैनीताल जिले के रामनगर स्थित प्रसिद्ध गर्जिया देवी मंदिर से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। सुदृढ़ीकरण कार्य के चलते मंदिर के मुख्य गर्भगृह तक श्रद्धालुओं की आवाजाही फिलहाल पूरी तरह बंद कर दी गई है।

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता अजय कुमार जॉन ने जानकारी देते हुए बताया कि मां गिरिजा देवी के टीले को मजबूत करने का कार्य तेजी से जारी है। क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, क्योंकि एक ओर नदी का बहाव और दूसरी ओर कमजोर हो चुका टीला निर्माण कार्य को चुनौतीपूर्ण बना रहा है।

यह भी पढ़ें :  कांवड़ यात्रा में ईंधन और गैस आपूर्ति नहीं होगी बाधित, 24 घंटे खुले रहेंगे पेट्रोल पंप

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था भी की गई है। मंदिर परिसर के दूसरे छोर पर स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर में भक्त मां गिरिजा देवी की चरण पादुका के दर्शन कर सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि 2010 उत्तराखण्ड बाढ़ के बाद से मंदिर के टीले में दरारें आने लगी थीं, जो समय के साथ बढ़ती गईं। इससे मंदिर की संरचना पर खतरा मंडराने लगा था। इसके बाद सिंचाई विभाग द्वारा मरम्मत कार्य के प्रस्ताव भेजे गए और मई 2024 में पहले चरण का कार्य पूरा किया गया। वर्तमान में दूसरे चरण का कार्य प्रगति पर है।

यह भी पढ़ें :  धामी सरकार की योजनाओं से बदली तस्वीर, सेब-कीवी की बागवानी से हर सीजन में 4 लाख तक की अतिरिक्त आय, पौड़ी के दीनदयाल बिष्ट बने आत्मनिर्भरता की मिसाल

अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य के दौरान नदी के भीतर करीब 5 मीटर तक खुदाई की जा रही है, जहां लगातार पानी का रिसाव हो रहा है। ऐसे में कार्य को अत्यंत सावधानी के साथ किया जा रहा है।

बताया गया है कि पहले भी फरवरी में कुछ दिनों के लिए मंदिर को बंद किया गया था, जबकि 10 मार्च से 30 अप्रैल तक पूर्ण बंदी लागू रही। अब कार्य की प्रगति को देखते हुए मंदिर को 30 मई तक बंद रखने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर यह अवधि 15 जून तक बढ़ाई जा सकती है, ताकि मानसून से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे किए जा सकें।

यह भी पढ़ें :  कुलगाम में प्रवासी मजदूर की हत्या से फिर उभरा टारगेट किलिंग का खतरा

विभाग का लक्ष्य जून से पहले टीले को सुरक्षित स्तर तक मजबूत कर उसके चारों ओर सुरक्षा दीवार और कंक्रीट संरचना तैयार करना है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील की है, ताकि इस धार्मिक स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *