• आचार्य आचार्य सुभाष जोशी ने शिव महापुराण के अनुसार, मातृशक्ति और सतीत्व (पवित्रता) का बल सबसे महान है:

देहरादून : धर्मपुर चौक स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री शिव मंदिर में श्रावण मास के पावन अवसर पर आयोजित दिव्य एवं भव्य संगीतमय श्री शिव महापुराण ज्ञान महायज्ञ के नवम दिवस कथा व्यास एवं शिव आराधक आचार्य सुभाष जोशी ने बताया कि

शिव महापुराण के अनुसार, मातृशक्ति और सतीत्व (पवित्रता) का बल सबसे महान है। जब स्त्री अपने सतीत्व और धर्म पर अडिग रहती है, तो उसका तेज इतना प्रखर होता है कि बड़े-बड़े देवता भी उसके आगे नतमस्तक हो जाते हैं। पवित्र और सती नारी का तेज लोक और परलोक दोनों में वंदनीय होता है। उच्च पद पर आसीन देवता भी सत्य और सतीत्व के प्रताप के आगे झुकते हैं। शिव पुराण में माता सती के चरित्र और उनके त्याग से यह स्पष्ट होता है कि नारी की निष्ठा और पवित्रता साक्षात शक्ति का स्वरूप है।

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पुराणों और कथाओं में बताया गया है कि महान सतियों (जैसे अनुसूया, सावित्री) के आगे देवताओं ने भी नतमस्तक होकर उनकी महिमा स्वीकार की है। माता और स्त्री का अपमान करने वालों का नाश होता है। उनकी पूजा करने से देवता भी प्रसन्न होते हैं।ऐतिहासिक व पौराणिक संदर्भमाता अनुसूया: उन्होंने अपने सत के बल पर त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर) को बालक बना दिया था।माता सीता और सती सावित्री: इनके पवित्र चरित्र और तपस्या के आगे बड़े-बड़े संकट टल गए। नारी जब अपने धर्म और शक्ति को पहचानती है, तो वह पूजनीय बन जाती है। कथा के दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर भगवान शिव की आराधना की।

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आज के यजमानों में धर्मेंद्र, धर्मेंद्र मोहन काला, मुनेन्द्र बलूनी, शुभंकर राणा, मदन हुरला, अर्चना ठाकुर एवं सुदेश हुरला अमित चौहान, गिरीश पटवाल, लक्ष्मी चौहान सहित अन्य शिवभक्त शामिल रहे। श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था, धर्मेंद्र, सुनील कौशिक, अनुराग जुयाल, संगीता, अर्चना, मंजू एवं अन्य शिवभक्तों के सहयोग से की गई।

इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष सीताराम भट्ट, देवेन्द्र अग्रवाल, दीपक शर्मा, मदन हुरला, आत्माराम शर्मा, जयप्रकाश बंसल, शरद शर्मा, प्रमोद शर्मा, सुनील कौशिक, संदीप कुमार, अर्चना ठाकुर, सुदेश हुरला, शर्मिला भट्ट, मंजू, अन्नू सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। आज के अतिथि आलोक पार्षद रहे।

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