देहरादून। हिंदी दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयी संस्कृति, परंपराओं और लोक जीवन को समर्पित पत्रिका ‘हिमालयन संस्कृति’ के प्रवेशांक का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पत्रिका के माध्यम से हिमालयी राज्यों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक आस्थाओं, रीति-रिवाजों, लोक कला, साहित्य, इतिहास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े विषयों को जन-जन तक पहुंचाने के प्रयास को सराहनीय बताया।

हिमालय भारत की सांस्कृतिक चेतना का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमालय केवल एक भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक चेतना का महत्वपूर्ण आधार है। हिमालयी लोक परंपराओं और विरासत का संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि ‘हिमालयन संस्कृति’ का विशेषांक हिमालयी समाज की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को समझने के लिए संदर्भ-स्रोत बनने के साथ पर्यावरण के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को भी बढ़ावा देगा।

यह भी पढ़ें :  2030 तक एआई से 17 करोड़ नए रोज़गार के अवसर : आईआईएम काशीपुर के ‘दिशा 2026’ में उद्योग जगत के विशेषज्ञों ने साझा किए विचार

लोक स्मृतियों और परंपरागत ज्ञान को दस्तावेज बनाने का प्रयास

पत्रिका के संपादक रजनीश कौंसवाल ने कहा कि प्रवेशांक में हिमालयी संस्कृति के विविध पक्षों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है। लोक स्मृतियों, परंपरागत ज्ञान, लोक कलाओं, सामाजिक सरोकारों और पर्यावरणीय चेतना को दस्तावेज के रूप में संरक्षित करने की दिशा में पत्रिका महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

संस्कृति प्रेमियों ने दी शुभकामनाएं

इस अवसर पर रायपुर विधायक उमेश शर्मा (काऊ), भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, विनोद खंडूरी, बद्री-केदार मंदिर समिति के उपाध्यक्ष प्रसाद सती, सदस्य राजपाल जड़धारी, विपिन, वरिष्ठ पत्रकार हरीश कोठारी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति और संस्कृति प्रेमी मौजूद रहे। सभी ने संपादक रजनीश कौंसवाल को पत्रिका के प्रकाशन की शुभकामनाएं दीं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *