देहरादून : शहर में प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न, अवैध रेट्रो साइलेंसर, ध्वनि प्रदूषण और रैश ड्राइविंग के मामले में उत्तराखंड मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, देहरादून से मामले में आख्या तलब की है।

शहर निवासी एडवोकेट जसविंदर सिंह ने 20 जुलाई 2026 को आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शहर की सड़कों, गलियों और मोहल्लों में प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न और तेज आवाज वाले मॉडिफाइड साइलेंसरों का खुलेआम इस्तेमाल हो रहा है।

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शिकायत के अनुसार, तेज ध्वनि से बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता ने इस मामले में प्रभावी कार्रवाई की मांग की थी।

आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष गिरधर सिंह धर्मशक्तू ने 28 जुलाई 2026 को आदेश जारी करते हुए मामले को गंभीर प्रकृति का माना। इसके बाद शिकायत की प्रति SSP देहरादून को भेजते हुए नियत समय में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

3 अगस्त 2026 को जारी नोटिस में आयोग ने स्पष्ट किया कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर मामले में उचित आदेश पारित किया जा सकता है। मामले की पत्रावली 3 नवंबर 2026 को आयोग के समक्ष पेश होगी। यह मामला केस नंबर 1150/35/5/2026 के रूप में दर्ज है।

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शिकायतकर्ता एडवोकेट जसविंदर सिंह ने कहा कि आयोग द्वारा मामले को गंभीरता से लिया जाना सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि पुलिस और संबंधित विभाग प्रेशर हॉर्न, अवैध साइलेंसर और ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ ठोस कार्रवाई करेंगे। उनके मुताबिक, यह किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे शहर के जनहित से जुड़ा मामला है।

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