कोटद्वार: शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में जल्द कदम उठाया जा सकता है। कोटद्वार में दो सिटी बसों के संचालन को लेकर संभागीय परिवहन प्राधिकरण (आरटीए), गढ़वाल संभाग की बैठक में निर्देश दिए गए हैं। बस सेवा शुरू होने से भाबर और सनेह क्षेत्र के लोगों को बाजार और शहर के अन्य हिस्सों तक पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

नगर निगम का गठन होने के करीब नौ साल बाद भी कोटद्वार में सिटी बस सेवा शुरू नहीं हो सकी है। आठ दिसंबर 2017 को भाबर क्षेत्र की 35 ग्रामसभाओं के 73 गांवों को शामिल कर नगर निगम बनाया गया था। इसके बावजूद इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के पर्याप्त विकल्प नहीं होने से लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। फिलहाल लोग ऑटो और ई-रिक्शा के सहारे बाजार तक पहुंचते हैं। कई संपर्क मार्गों पर वाहनों की संख्या कम होने के कारण यात्रियों को इंतजार करना पड़ता है। वहीं, जरूरत पड़ने पर ऑटो बुक कराने से अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। कई बार अधिक किराया देना भी लोगों की मजबूरी बन जाता है।

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लंबे समय से उठ रही थी सिटी बस चलाने की मांग

कोटद्वार में सिटी बस सेवा शुरू करने का मुद्दा लंबे समय से उठता रहा है। नागरिक मंच, उत्तराखण्ड विकास समिति सहित कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने इस संबंध में मांग उठाई थी। पूर्व में तत्कालीन एसडीएम योगेश मेहरा ने भी इस दिशा में प्रयास किए थे, लेकिन उस समय परिवहन निगम ने बसों का संचालन करने में असमर्थता जताई थी।

अब आरटीए की बैठक में दो बसों के संचालन के निर्देश मिलने के बाद स्थानीय लोगों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, सेवा शुरू करने के लिए आगे की व्यवस्था और बजट की उपलब्धता अहम होगी।

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सर्वे के बाद तय होंगे रूट

एआरटीओ कोटद्वार अभिषेक भटगईं के अनुसार, सिटी बसों के संचालन के लिए सर्वे कराया गया था। इसके आधार पर संभावित रूट निर्धारित कर रिपोर्ट भेजी गई थी। आरटीए की बैठक में कोटद्वार में दो सिटी बसें चलाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। अब नगर निगम की कमेटी बजट की उपलब्धता को देखते हुए बसों के संचालन की व्यवस्था करेगी।

यदि योजना पर अमल होता है, तो भाबर और सनेह क्षेत्र के लोगों को आवागमन के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा और ऑटो व ई-रिक्शा पर उनकी निर्भरता कम होने की संभावना है।

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