देहरादून। चारधाम यात्रा 2026 के शुरू होते ही उत्तराखंड सरकार ने एक अहम प्रशासनिक निर्णय लेते हुए बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) को स्थायी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) दे दिया है। चमोली में तैनात पीसीएस अधिकारी सोहन सिंह को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शासन के आदेश के तहत उन्हें डिप्टी कलेक्टर पद से मुक्त कर पूर्णकालिक रूप से BKTC का CEO नियुक्त किया गया है।

चारधाम यात्रा को प्रदेश का सबसे बड़ा धार्मिक और आर्थिक आयोजन माना जाता है, जिसमें हर वर्ष लाखों श्रद्धालु केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रा की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में बदरी-केदार मंदिर समिति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसके बावजूद यात्रा शुरू होने तक समिति में स्थायी CEO की नियुक्ति नहीं हो पाई थी, जिससे व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे थे।

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इससे पहले BKTC के CEO का दायित्व अतिरिक्त प्रभार के रूप में रुद्रप्रयाग के जिलाधिकारी विशाल मिश्रा संभाल रहे थे। हालांकि जिला प्रशासन और चारधाम यात्रा जैसे बड़े आयोजन की जिम्मेदारी एक साथ निभाना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा था। इसी को देखते हुए सरकार ने पूर्णकालिक अधिकारी की नियुक्ति का निर्णय लिया।

सोहन सिंह को प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ चमोली जिले की भौगोलिक और स्थानीय परिस्थितियों की अच्छी समझ है। चमोली ही बदरीनाथ धाम का प्रमुख क्षेत्र है, ऐसे में उनकी नियुक्ति को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शासन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में यात्रा प्रबंधन को और बेहतर बनाया जा सकेगा।

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इससे पहले BKTC के CEO पद पर विजय थपलियाल की नियुक्ति की गई थी, लेकिन उनका कार्यकाल काफी छोटा रहा और यात्रा शुरू होने से ठीक पहले उन्हें पद से हटा दिया गया था। इससे व्यवस्थाओं में अस्थिरता की स्थिति बन गई थी। चारधाम यात्रा के शुरुआती दिनों में केदारनाथ धाम से अव्यवस्थाओं और भीड़ प्रबंधन को लेकर सोशल मीडिया पर कई शिकायतें सामने आई थीं। श्रद्धालुओं ने दर्शन व्यवस्था, सफाई और भीड़ नियंत्रण को लेकर सवाल उठाए थे, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ा।

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ऐसे में स्थायी CEO की नियुक्ति को व्यवस्थाओं में सुधार और प्रशासनिक स्थिरता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। अब सोहन सिंह के सामने सबसे बड़ी चुनौती यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना होगी। इसके लिए उन्हें मंदिर समिति के साथ-साथ जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य विभागों के साथ समन्वय स्थापित करना होगा। चारधाम यात्रा के बीच इस नियुक्ति पर सभी की नजरें टिकी हैं। अब देखना होगा कि नए CEO सोहन सिंह श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और यात्रा को व्यवस्थित बनाने में कितनी सफलता हासिल करते हैं।

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