ज्योतिर्मठ। विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी औली इन दिनों कुदरत के सफेद श्रृंगार में डूबी हुई है। जहां एक ओर भारी बर्फबारी ने सैलानियों के चेहरे खिला दिए हैं, वहीं दूसरी ओर जनजीवन और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। जोशीमठ–औली मोटर मार्ग पर बर्फ की मोटी परत जमने से वाहनों का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है।

आईटीबीपी कैंप (सुनील) से लेकर औली तक का मार्ग किसी बर्फीले रेगिस्तान में तब्दील हो गया है, जहां सामान्य वाहनों का चलना नामुमकिन हो गया है। फिलहाल केवल 4×4 (फोर-बाय-फोर) क्षमता वाले शक्तिशाली वाहन ही स्थानीय निवासियों और आवश्यक सामग्री को लेकर किसी तरह आवाजाही कर पा रहे हैं।

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बर्फबारी का आनंद लेने पहुंचे देश-विदेश के पर्यटक वाहनों का इंतजार छोड़ पैदल ही औली की ढलानों की ओर बढ़ते नजर आ रहे हैं। हालांकि, ठंड और फिसलन के चलते जोखिम भी बढ़ गया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सीमा सड़क संगठन (BRO) ने मोर्चा संभाल लिया है। जेसीबी सहित भारी मशीनों के जरिए युद्ध स्तर पर बर्फ हटाने का कार्य जारी है।

बीआरओ के कमांडिंग ऑफिसर अंकुर महाजन ने बताया कि जहां-जहां सड़क मार्ग बाधित हुआ है, वहां तत्काल मशीनें तैनात कर दी गई हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि पर्याप्त संसाधन लगाए गए हैं और देर शाम तक जोशीमठ–औली मार्ग को पूरी तरह सुचारु कर दिया जाएगा।

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प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे सुरक्षा के मद्देनज़र सावधानी बरतें और केवल प्रशिक्षित चालकों के साथ ही यात्रा करें।

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