बिजनौर : बिजनौर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां अदालत में उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद दोषियों ने खुलेआम जज को जान से मारने की धमकी दे डाली। इस घटना के बाद अदालत परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। शहर कोतवाली बिजनौर पुलिस ने अपर जिला जज कोर्ट नंबर चार के पेशकार सुमित कुमार की तहरीर पर आरोपी पिंटू चौहान और जयदीप के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।

दरअसल धामपुर के गांव मटोरा दुर्गा के रहने वाले पुखराज सिंह की 19 मार्च 2024 को कार से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 26 फरवरी 2026 को अदालत ने अपना फैसला सुनाया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश निजेंद्र कुमार ने अभियुक्त जयदीप चौहान पुत्र राजेंद्र निवासी गांव सिमला थाना शिवालाकलां और उसके रिश्तेदार पिंटू चौहान निवासी गांव शेरगढ़ को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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दोनों पर आरोप है कि सजा सुनते ही दोनों अभियुक्तों ने जज के साथ गाली गलौच की, और जान से मरवाने की धमकी दी। फैसला सुनाने के और धमकी मिलने के बाद जज को कोर्ट से आवास तक अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा के बीच लाया गया। जिसके बाद जज की ओर से डीजीपी उत्तर प्रदेश, डीएम बिजनौर और एसपी बिजनौर को सुरक्षा के लिए पत्र लिखा गया। धमकी के तुरंत बाद से जज और उनके परिवार की अतिरिक्त सुरक्षा भी बढ़ा दी गई थी।

बताया गया कि एक अभियुक्त जयदीप चौहान सेना में हवलदार के पद पर तैनात रहा है, जो जेल में बंद होने के बाद से निलंबित चल रहा है। फिलहाल अपराधियों की ये हरकत सुनकर सभी जगह चर्चा हो रही है।

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जानकारी के अनुसार, एडीजे (ADJ) Nijendra Kumar ने गाड़ी से कुचलकर हत्या करने के मामले में आरोपी पिंटू चौहान और जयदीप को उम्रकैद की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद दोनों दोषी कोर्ट रूम में ही आक्रोशित हो गए और जज को धमकी देते हुए कहा कि उन्हें उनके घर और गांव तक की जानकारी है। घटना को गंभीरता से लेते हुए जज ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के गृह सचिव, डीआईजी, एसपी बिजनौर और जिला जज को पत्र लिखकर सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है।

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पारिवारिक विवाद से जुड़ा था मामला

मामले के अनुसार, वादी रेणु की ननद अंजलि की शादी आरोपी जयदीप के बड़े भाई से हुई थी। वैवाहिक विवाद के चलते अंजलि ने ससुराल पक्ष के खिलाफ धारा 498ए और 406 के तहत कई मुकदमे दर्ज कराए थे। इसी रंजिश के चलते आरोपियों ने अंजलि के गांव मटोरा पहुंचकर उसके पिता को खेत से खींच लिया और उनके ऊपर कई बार गाड़ी चढ़ा दी। इस हमले में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।  इस मामले में अदालत में भारतीय दंड संहिता की धारा 302 और 34 के तहत मुकदमा चल रहा था, जिसमें सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

 

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