बागेश्वर : जनपद बागेश्वर के कुमाऊँ अंचल में लगभग 1400 मीटर की ऊंचाई पर बांस, बदांश, काफल, देवदार एवं चीड़ के घने वनों के मध्य स्थित कुकुड़ा माई मंदिर आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम प्रस्तुत करता है। यह मंदिर मां दुर्गा के अवतार रूप में पूजित देवी कुकुड़ा माई को समर्पित है। जनश्रुतियों के अनुसार देवी ने एक स्थानीय चरवाहे को स्वप्न में दर्शन देकर यहां मंदिर निर्माण का निर्देश दिया था, जिसके बाद यह स्थल श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बन गया। प्रत्येक वर्ष अप्रैल माह में आयोजित होने वाला कुकुड़ा माई उत्सव हजारों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है, जिससे यह स्थल धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।

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हाल ही में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे द्वारा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान मंदिर की ऐतिहासिक एवं पौराणिक पृष्ठभूमि की जानकारी ली गई तथा मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का अवलोकन किया गया। इस दौरान पुलिस अधीक्षक जितेंद्र मेहरा,प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्ना भी उपस्थित रहे। क्षेत्र में विद्युत एवं पेयजल से संबंधित चुनौतियों के समाधान हेतु जिला प्रशासन द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। मंदिर परिसर एवं मार्ग में सोलर लाइटें स्थापित की जा चुकी हैं तथा जल एवं विद्युत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने की प्रक्रिया प्रगति पर है।

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जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने कुकुड़ा माई मंदिर क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत संभावनाशील बताते हुए स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन इस सुंदर एवं आध्यात्मिक स्थल को बागेश्वर के प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वच्छता, सुगम पहुंच मार्ग, प्रकाश व्यवस्था एवं आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के माध्यम से इस क्षेत्र को धार्मिक एवं प्रकृति पर्यटन के मानचित्र पर सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

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