ज्योतिर्मठ । तपोवन विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना के अंतर्गत अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत आठ गांवों के ग्रामीणों और एनटीपीसी प्रबंधन के बीच ज्योतिर्मठ तहसील में हुई त्रिपक्षीय वार्ता बिना किसी ठोस निर्णय के समाप्त हो गई। उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ की मध्यस्थता में आयोजित इस बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी चर्चा के लिए सभी पक्ष पूर्ण तथ्यों और जानकारियों के साथ उपस्थित हों, ताकि गतिरोध दूर किया जा सके। इधर, पिछले छह दिनों से परियोजना के सभी प्रवेश द्वारों पर ग्रामीणों के क्रमिक अनशन और निर्माण कार्य पूरी तरह बंद होने के कारण कंपनी को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। प्रभावित ग्रामीण मुख्य रूप से रोजगार, चारापत्ती और सामुदायिक विकास कार्यों जैसी मांगों पर अड़े हैं, जिसे लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। बैठक में प्रधान संघ के अध्यक्ष मोहन बैंजवाल, क्षेत्र पंचायत सदस्य वर्षा बिष्ट और ग्राम प्रधान रोशनी बिष्ट समेत कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे, जिन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र किया जाएगा।

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