नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के लाल किले के सामने सोमवार शाम हुए भीषण कार धमाके ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। जांच एजेंसियों ने मंगलवार को इसे आतंकी कृत्य मानते हुए मामले की कमान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी। धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है। मुख्य आरोपी पुलवामा का डॉ. उमर नबी भट खुद विस्फोट में मारा गया।

मुख्य आरोपी उमर नबी की मौत, डीएनए से होगी शिनाख्त

पुलवामा के लेधपोरा निवासी डॉ. उमर नबी भट (आयु करीब 35 वर्ष) फरीदाबाद के अल फलाह मेडिकल कॉलेज में सहायक प्रोफेसर था। पुलिस के अनुसार, उमर ही वह नकाबपोश शख्स था जो आई-20 कार चला रहा था। शव क्षत-विक्षत होने के कारण उसकी मां का डीएनए सैंपल लिया गया है।

जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद का सफेदपोश मॉड्यूल

जांच में पता चला है कि धमाका फरीदाबाद स्थित सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था, जिसके तार जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े हैं। मॉड्यूल कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश तक फैला हुआ था। सोमवार को फरीदाबाद में छापों में 3,000 किलो विस्फोटक बरामद हुआ था, जिसमें तीन डॉक्टरों समेत आठ लोग गिरफ्तार हुए थे। उमर पुलिस छापे से भाग निकला था।

यह भी पढ़ें :  चमोली पुलिस की बड़ी कार्रवाई, फर्जी आर्मी जवान बनकर युवती को ब्लैकमेल करने वाला शातिर गिरफ्तार

कार का 11 घंटे का रूट ट्रेस

सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि उमर कार में अकेला था। उसने सुनहरी मस्जिद की पार्किंग में करीब तीन घंटे बिताए और फरीदाबाद में अपने साथियों की गिरफ्तारी की खबरें ऑनलाइन पढ़ता रहा। जांच एजेंसियों ने कार के 11 घंटे के रूट की पूरी जानकारी जुटा ली है।

दो तरह के विस्फोटक बरामद

घटनास्थल से दो कारतूस और दो तरह के विस्फोटकों के नमूने मिले हैं। एक अमोनियम नाइट्रेट है, जबकि दूसरा इससे भी ज्यादा शक्तिशाली बताया जा रहा है। फोरेंसिक टीम ने 40 से अधिक सैंपल इकट्ठा किए हैं। प्रारंभिक जांच में अमोनियम नाइट्रेट, ईंधन तेल और डेटोनेटर के इस्तेमाल की पुष्टि हुई है।

यह भी पढ़ें :  चारधाम यात्रा का विधिवत शुभारंभ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुले

आत्मघाती हमला या बौखलाहट में विस्फोट?

एजेंसियां अभी इसे पूर्वनियोजित आत्मघाती हमला नहीं मान रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि उमर गिरफ्तारी के डर से भाग रहा था और घबराहट में विस्फोट हुआ हो सकता है। बम पूरी तरह तैयार नहीं था, कोई गड्ढा नहीं बना और न ही छर्रे या धातु के टुकड़े मिले। कार चलती हुई थी और आईईडी का इस्तेमाल नहीं हुआ।

पुलवामा से लेकर कश्मीर तक गिरफ्तारियां

  • उमर को कार देने वाला पुलवामा का तारिक गिरफ्तार।
  • उमर के पिता गुलाम नबी भट, दो भाई और दोस्त सज्जाद हिरासत में।
  • कार की खरीद-फरोख्त से जुड़े तीन अन्य लोग पकड़े गए।
  • अल फलाह विश्वविद्यालय के कुछ डॉक्टर सहकर्मी हिरासत में।
  • कश्मीर में चार लोग पकड़े गए, दो को दिल्ली लाया गया।

जैश की महिला शाखा की प्रमुख डॉ. शाहीन गिरफ्तार

लखनऊ की डॉ. शाहीन सईद जैश-ए-मोहम्मद की महिला भर्ती शाखा जमात-उल-मोमिनात की सदस्य थी। वह पाकिस्तानी हैंडलरों के संपर्क में थी और खासकर छात्राओं को भर्ती करने का काम कर रही थी। उसका भाई डॉ. परवेज भी हिरासत में है।

यह भी पढ़ें :  बद्रीनाथ धाम में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद, चमोली पुलिस ने संभाली कमान

बड़ी साजिश नाकाम, दिल्ली हाई अलर्ट पर

एजेंसियों का मानना है कि अगर विस्फोटक का सही इस्तेमाल होता तो नुकसान बहुत बड़ा होता। समय पर कार्रवाई से बड़ी आतंकी वारदात टल गई। दिल्ली में सभी बॉर्डर चेकपोस्ट, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और होटलों पर कड़ी चौकसी बरती जा रही है।

दिल्ली सरकार का ऐलान

मृतकों के परिजनों को 10 लाख, स्थायी अशक्तों को 5 लाख, गंभीर घायलों को 2 लाख और सामान्य घायलों को 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।

यूएपीए और विस्फोटक अधिनियम में केस दर्ज

दिल्ली पुलिस ने यूएपीए की आतंकी साजिश वाली धाराओं और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। एनआईए अब पूरे मामले की गहन जांच करेगी।

The post दिल्ली धमाका : पुलवामा से फरीदाबाद तक फैला आतंकी मॉड्यूल बेनकाब, दो तरह के विस्फोटक बरामद appeared first on badhtabharat.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *