• तिलवाड़ा में अचानक उफना गदेरा, अलकनंदा खतरे के निशान से ऊपर.
  • प्रशासन ने जारी की हाई अलर्ट एडवाइजरी.

रुद्रप्रयाग। जनपद में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर तबाही का मंजर खड़ा कर दिया। बुधवार देर रात केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तिलवाड़ा स्थित स्मार्ट शौचालय के समीप अचानक एक गदेरा उफान पर आ गया। कुछ ही मिनटों में भारी मात्रा में पानी, बोल्डर और मलबा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया, जिससे मार्ग पर अफरा-तफरी मच गई और कई वाहन मलबे की चपेट में आ गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गदेरे का जलस्तर अचानक बढ़ा और तेज बहाव के साथ आए मलबे ने हाईवे को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय मार्ग से गुजर रहे वाहन चालकों और यात्रियों ने किसी तरह सुरक्षित स्थानों की ओर भागकर अपनी जान बचाई। रातभर क्षेत्र में दहशत का माहौल बना रहा।

यह भी पढ़ें :  धर्मपुर के प्राचीन शिव मंदिर में शिव महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर आचार्य सुभाष जोशी ने बताया – गृहस्थ आश्रम सभी आश्रमों में श्रेष्ठ एवं साधना का सर्वोत्तम मार्ग

सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव कार्य शुरू करते हुए प्रभावित वाहनों को निकालने और मार्ग से मलबा हटाने का अभियान चलाया गया। घटना के कारण केदारनाथ यात्रा मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया।

नुकसान का आकलन जारी

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि भारी बारिश के कारण तिलवाड़ा क्षेत्र में गदेरा उफान पर आने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारी मलबा जमा हो गया है। मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने और प्रभावित वाहनों को सुरक्षित निकालने के लिए संबंधित विभागों की टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। साथ ही नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।

यह भी पढ़ें :  राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं – डीएम स्वाति एस. भदौरिया

अलकनंदा नदी खतरे के निशान से ऊपर

लगातार हो रही बारिश के चलते अलकनंदा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। पुनाड़ गदेरे पर सुविधानगर में बाल्मीकि बस्ती और जिला अस्पताल को जोड़ने वाला पैदल पुल पूरी तरह जलमग्न हो गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है।

प्रशासन ने बताया कि पुलिस, एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और अन्य विभागों की टीमें पूरी तरह अलर्ट पर हैं। संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के लिए सभी संसाधन तैयार रखे गए हैं।

यह भी पढ़ें :  राजकीय महाविद्यालय कण्वघाटी के राष्ट्रीय सेमिनार की आधिकारिक विवरणिका का विमोचन

भारी बारिश का अलर्ट जारी

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार, 6 अगस्त को भी उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए बागेश्वर, चमोली, पौड़ी और देहरादून जिलों में कक्षा 1 से 12 तक के सभी विद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।

मानसून के दौरान केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भूस्खलन और गदेरों के उफान की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। तिलवाड़ा की ताजा घटना ने एक बार फिर पर्वतीय क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाओं के बढ़ते खतरे को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने संवेदनशील गदेरों के स्थायी उपचार, सुरक्षात्मक कार्यों में तेजी लाने और आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है।

 
 
 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *