नैनीताल। अक्टूबर 2025 में नैनीताल के जिलाधिकारी का पदभार संभालने के बाद से ही ललित मोहन रयाल अपने अनूठे और सख्त फैसलों को लेकर लगातार सुर्खियों में हैं।

आईएएस ललित मोहन रयाल ने अक्टूबर 2025 में नैनीताल के जिलाधिकारी का पदभार संभालने के बाद से अपनी कार्यशैली, सख्त प्रशासनिक फैसलों और जनसंवेदनशील दृष्टिकोण से अलग पहचान बनाई है। लगातार प्रभावी निर्णयों और प्रशासनिक सुधारों के चलते उनका नाम अब देश के चुनिंदा प्रभावशाली अधिकारियों की प्रतिष्ठित सूची में शामिल किया गया है।

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भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए हाल ही में उन्होंने हल्द्वानी तहसील में औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान गंभीर लापरवाही पाए जाने पर दो रजिस्ट्रार कानूनगो को डिमोट कर सीधे पटवारी बना दिया गया। इस कार्रवाई ने प्रशासनिक अमले में स्पष्ट संदेश दिया कि कार्य में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनता से जुड़ाव उनकी कार्यशैली की एक खास पहचान बन चुका है। जिलाधिकारी रयाल कई बार सरकारी वाहन छोड़ पैदल ही कार्यालय और निरीक्षण स्थलों तक पहुंचते हैं, जिससे आम लोगों के साथ उनका सीधा संवाद स्थापित होता है और प्रशासन के प्रति जनता का भरोसा मजबूत हुआ है।

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राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाओं की लंबित फाइलों को शून्य करने की दिशा में भी उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया है। प्रशासनिक प्रक्रियाओं में तेजी और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उनके प्रयासों की व्यापक सराहना हो रही है।

इन्हीं प्रभावी कार्यों, कड़े प्रशासनिक निर्णयों और जनता के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए फेम इंडिया मैगजीन द्वारा तैयार की जा रही प्रतिष्ठित सूची में उन्हें स्थान दिया गया है। प्रारंभिक सर्वे में देशभर से लगभग 100 चुनिंदा अधिकारियों का चयन किया गया है, जिन्हें मैगजीन के विशेष अंक में शामिल किया जाएगा।

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