गोपेश्वर (चमोली)। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि वनाग्नि से वनों को सुरक्षित रखने के लिए सभी के साथ आपसी समन्वय बनाकर जागरूकता लाई जाएगी। वन अग्नि सुरक्षा अनुश्रवण समिति की बैठक में जंगल में लगने वाली आग के कारणों, आग से जंगल को बचाने के लिए वन विभाग की ओर से किये जा रहें प्रयासों, जनजागरूकता के लिए किये जा रहें प्रयासों पर चर्चा की गई। डीएम गौरव कुमार ने वन विभाग, तहसील प्रशासन और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों से समन्वय करते हुए वन अग्नि को रोकने के बेहतर उपाय किये जाने पर जोर दिया। उन्होंने स्थानीय लोगो, सरपंच वन पंचायत, महिला मंगल दलों के साथ मिलकर जनजागरूकता फैलाने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी क्रू स्टेशनो में आवश्यक उपकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग की टीम को अधिक से अधिक फील्ड में गश्त करने और निरंतर सक्रिय रहने को कहा। पिरुल लाओ पैसे पाओ की योजना से लोगो से पिरुल इकट्ठा करने के निर्देश भी दिए। कंट्रोल फायर के माध्यम से जंगलो की सफाई करने पर भी जोर दिया। जंगलो को आग से बचाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी निरंतर जनजागरूकता कार्यक्रमों के प्रचार प्रसार की बात भी कही।

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एसडीओ जुगल किशोर चौहान ने बताया कि वन प्रभाग के 161547.25 हेक्टयर संवेदनशील तथा 39736.62 हेक्टेयर क्षेत्र अतिसंवेदनशील है। उन्होंने बताया अग्नि सुरक्षा को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिलास्तरीय समिति, विकासखंड स्तर पर ब्लॉक प्रमुख की अध्यक्षता में एवं ग्राम पंचायत के स्तर पर ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में वन अग्नि की रोकथाम को समितियों का गठन किया गया है। उन्होंने पीपीटी के माध्यम से जनजागरूकता के लिए कराये जा रहें कार्यों की जानकारी भी दी। अग्नि सुरक्षा के लिए प्रचार-प्रसार, वन क्षेत्रों में फायर लाइन के सफाई, कंट्रोल फायर, क्रू स्टेशनों में आवश्यक उपकरणो के  आगामी वर्ष के प्रस्तावित कार्यों की भी जानकारी दी।

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इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी डॉ अभिषेक त्रिपाठी, डीएफओ प्रियंका सुंडली, मुख्य शिक्षाधिकारी श्रीकांत पुरोहित, रेड क्रॉस समिति के प्रदेश सदस्य ओम प्रकाश भट्ट, एसडीओ विकास दरमोडा, एसडीओ मोहन सिंह, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नन्दकिशोर जोशी मौजूद रहे। मीटिंग में सभी उपजिलाधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

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