नैनीताल : नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (NIM) में वर्ष 2018 से 2022 के बीच कथित अनियमितताओं को लेकर दायर जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में गुरुवार को सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने केंद्र और राज्य सरकार से विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है।

मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने इस प्रकरण पर सुनवाई की। अदालत ने पाया कि पूर्व में दिए गए निर्देशों के बावजूद संबंधित पक्षकारों द्वारा अभी तक जवाब दाखिल नहीं किया गया है। इस पर पक्षकारों ने अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने शपथ पत्र के साथ जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए।

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क्या है मामला?

यह जनहित याचिका दिनेश चंद्र उनियाल द्वारा दायर की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि उत्तरकाशी स्थित NIM में वर्ष 2018 से 2022 के दौरान विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं हुईं। याचिका में यह भी कहा गया है कि रोजगार देने के नाम पर गड़बड़ियां की गईं, जिसकी निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की गई है।

सरकार का पक्ष

मामले में राज्य और केंद्र सरकार की ओर से इन आरोपों का खंडन किया गया है। उनका कहना है कि संस्थान में किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है। साथ ही यह भी दलील दी गई कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक द्वारा इस प्रकरण की जांच पहले ही की जा चुकी है, जिसमें किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की पुष्टि नहीं हुई।

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कोर्ट का रुख

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को आरोपों के संबंध में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई तक पक्षकारों को अपना पक्ष स्पष्ट करने का समय दिया है।

 

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