गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के तहत चौथे दिन सोमवार को पंच पूजाओं के तहत माता लक्ष्मी जी को  बदरीनाथ मंदिर में आने का आमंत्रण दिया गया। श्री बदरीनाथ मंदिर के कपाट बंद होने की प्रक्रिया के अंतर्गत पंच पूजाओं के तहत सोमवार को चौथे दिन माता लक्ष्मी मंदिर में कढ़ाई भोग लगाया गया तथा माता को श्री बदरीनाथ मंदिर में आने का आमंत्रण दिया गया। माता लक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना तथा आमंत्रण कार्यक्रम में रावल अमरनाथ नंबूदरी समेत माता लक्ष्मी मंदिर पुजारीगण, धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, प्रभारी धर्माधिकारी स्वयंबर सेमवाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट एवं अमित बंदोलिया ने पूजा-अर्चना संपन्न की।

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इस दौरान बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती व उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण कार्याधिकारी विजय प्रसाद थपलियाल, बीकेटीसी सदस्य  महेंद्र शर्मा, देवीप्रसाद देवली, धीरज मोनू पंचभैया,  प्रह्लाद पुष्पवान, दिनेश डोभाल, राजेंद्र प्रसाद डिमरी, नीलम पुरी, डिमरी धार्मिक केंद्रीय पंचायत अध्यक्ष आशुतोष डिमरी, मंदिर अधिकारी राजेंद्र चौहान, प्रशासनिक अधिकारी कुलदीप भट्ट मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़,विकास सनवाल आदि मौजूद रहे।

मीडिया प्रभारी डा. हरीश गौड़ ने बताया कि कल 25 नवंबर  अपराह्न 2 बजकर 56 मिनट पर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट शीतकाल हेतु बंद हो जायेंगे 26 को देवडोलिया पांडुकेश्वर प्रस्थान करेगी। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी  ने  सोमवार को बदरीनाथ धाम पहुंचकर श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि  श्री बदरीनाथ धाम के कपाट बंद करने हेतु  बीकेटीसी की ओर तैयारियां अंतिम चरण में है। दानीदाताओं के सहयोग से श्री बदरीनाथ मंदिर को 12 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है कपाट बंद से पहले  मंदिर को फूलों से सजाने का कार्य पूर्ण हो जायेगा।

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