दिल्ली : पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (EOW) ने नेशनल हेराल्ड मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा सहित तीन अन्य व्यक्तियों और तीन कंपनियों के खिलाफ नई FIR दर्ज की है। यह FIR प्रवर्तन निदेशालय (ED) की आधिकारिक शिकायत और PMLA की धारा 66(2) के तहत मिली जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई है।

मुख्य आरोप

  • यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड (YIL) नाम की कंपनी के जरिए कांग्रेस से जुड़ी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) पर धोखाधड़ी से कब्जा करने की आपराधिक साजिश।
  • AJL की लगभग 2,000 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति पर मात्र 50 लाख रुपये में नियंत्रण हासिल करने का आरोप।
  • कोलकाता की कथित शेल कंपनी Dotex Merchandise Pvt Ltd ने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये दिए थे, जिसके बदले YIL ने कांग्रेस पार्टी को सिर्फ 50 लाख रुपये चुकाकर AJL का अधिग्रहण कर लिया।
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ED की चार्जशीट पर 16 दिसंबर को फैसला

इसी मामले में राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष पीएमएलए अदालत ने ED की पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लेने का फैसला एक बार फिर टाल दिया है। विशेष न्यायाधीश विशाल गोगवे अब 16 दिसंबर 2025 को इस पर अंतिम आदेश सुनाएंगे।

ED ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सैम पित्रोदा, सुमन दुबे समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को इस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी बनाया है। कोर्ट ने नए आपराधिक कानून BNSS की धारा 223 के तहत सभी आरोपियों को संज्ञान से पहले अपना पक्ष रखने का मौका देने का फैसला किया है, जिसे अदालत ने निष्पक्ष सुनवाई का हिस्सा बताया है।

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इस तरह नेशनल हेराल्ड मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, जिसमें अब EOW की नई FIR और ED की चार्जशीट पर कोर्ट का आने वाला फैसला अहम होगा।

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