गोपेश्वर (चमोली)। 6वें राज्य वित्त आयोग ने जिला पंचायत सभागार में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, विभागीय प्रतिनिधियों और राज्य वित्त आयोग के विशेषज्ञों से चर्चा की गई। बैठक आयोग के अध्यक्ष एन रविशंकर (सेनि मुख्य सचिव) की अध्यक्षता में हुई।  शुभारंभ पर अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने आयोग के अध्यक्ष एन रविशंकर व सदस्य सदस्य पीएस जगपांगी तथा  डा एमसी जोशी का स्वागत किया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी द्वारा जिला पंचायत के कार्य प्रणाली के बारे में पीपीटी के माध्यम से जानकारी दी गई।

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जिला पंचायत अध्यक्ष दौलत सिंह बिष्ट ने जहां जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों और सामरिक महत्व को देखते हुए विकास कार्यों के लिए विशेष वित्तीय व्यवस्था पर जोर दिया, वहीं उन्होंने राज्य वित्त में जीएसटी की प्रतिपूर्ति करने का भी सुझाव दिया। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख थराली प्रवीण पुरोहित ने विकास खंड में आई आपदा को देखते हुए क्षतिग्रस्त परिसम्पतियों के पुनर्निर्माण और विकास कार्यों के लिए वित्त में विशेष व्यवस्था करने की बात कही। ग्राम प्रधानों की ओर से जनपद की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए मनरेगा कार्यों में जीओ टैग की व्यवस्था में शिथिलता और आपदा के बाद क्षतिग्रस्त परिसंपतियों के पुनर्निर्माण के लिए वित्तीय व्यवस्था जल्द करने का प्रावधान करने के सुझाव दिए। जन प्रतिनिधियों की ओर से कृषि भूमि को सुअरों एवं बन्दरों द्वारा नष्ट किया जा रहा है, उनके द्वारा खेती को बचाने के लिए वित्तीय व्यवस्था करने, प्रमुख निधि को बढाने, राज्य वित्त की धनराशि को बढाने और आपदा प्रभावित क्षेत्रों के विकास और पुनर्निर्माण के लिए भी विशेष वित्तीय प्रावधान करने की बात कही।

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इस दौरान जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह, जिला परियोजना निदेशक आनन्द सिंह, सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी कैलाश चन्द्र मिश्रा, सहायक विकास अधिकारी विनोद ममगांई, वित्तीय परामर्शदाता शैलेन्द्र सिंह बुटोला आदि मौजूद रहे।



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