देहरादून। देहरादून में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जनता का गुस्सा एक बार फिर सड़कों पर दिखाई दिया। अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच और उत्तराखंड महिला मंच के बैनर तले सोमवार को बड़ी संख्या में महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क से प्रदर्शन शुरू किया और एस्ले हॉल चैक पर सांकेतिक जाम लगाकर सरकार व प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी चेहरों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। महिलाओं ने कहा कि जब तक मामले में पूरी पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

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प्रदर्शन के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की देहरादून में आयोजित बैठक का भी विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों ने बैठक में दुष्यंत गौतम और अजय कुमार की मौजूदगी पर सवाल उठाते हुए कड़ा ऐतराज जताया। महिलाओं का कहना था कि वे भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मिलकर दुष्यंत गौतम और अजय कुमार को तत्काल उत्तराखंड से बाहर भेजने की मांग करना चाहती थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में रोक दिया।

एस्ले हॉल चैक पर कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने साफ कहा कि अंकिता को न्याय मिलने तक यह लड़ाई जारी रहेगी और वीआईपी चेहरों को बचाने की हर कोशिश का विरोध किया जाएगा।

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इस विरोध प्रदर्शन में कमला पंत, निर्मला बिष्ट, मोहित डिमरी, सुजाता पॉल, ब्रिगेडियर सर्वेश डंगवाल, विमला कोली, ईश्वर शर्मा, त्रिलोचन भट्ट, हरिओम पाली और पंकज क्षेत्री समेत कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल रहे।

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