• माइट्रल टी.ई.ई.आर. माॅर्डन कार्डियोलाॅजी का अत्याधुनिक हार्ट प्रोसीजर है
  • माॅर्डन काॅर्डियक प्रोसीजर देगा हार्ट मरीजों को बड़ी राहत
  • श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने काॅर्डियोलाॅजी की पूरी टीम को दी बधाई

देहरादून। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में पहला अत्याधुनिक माॅर्डन कार्डियक प्रोसीजर माइट्रल ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर.) सफलतापूर्वक किया गया। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल का कार्डयोलाॅजी विभाग अपनी माॅर्डन तकनीकों से हार्ट प्रोसीजर करने के लिए जाना जाता है। माइट्रल टी.ई.ई.आर. कार्डियक प्रोसीजर से मरीज़ का सफलतापूर्वक उपचार करने के बाद विभाग की उपलब्धि में एक उपलब्धि और जुड़ गई है। श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के चेयरमैन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कार्डियोलाॅजी विभाग की पूरी टीम को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवम् शुभकामनाएं दी हैं।

यह भी पढ़ें :  उत्तराखण्ड के आपदा प्रबंधन मॉडल से रूबरू हुए श्रीलंका के अधिकारी, श्रीलंका के 40 अधिकारियों ने किया यूएसडीएमए का भ्रमण

यह प्रक्रिया कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. तनुज भाटिया, विभागाध्यक्ष, कार्डियोलॉजी विभाग ने यह जानकारी दी कि उत्तराखंड में उन्नत हृदय चिकित्सा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एण्ड हैल्थ साइंसेज़ एवं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, देहरादून के कार्डियोलॉजी विभाग ने पहली बार माइट्रल वाल्व की ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर.) प्रक्रिया सफलतापूर्वक की है। अत्याधुनिक माॅर्डन कार्डियक प्रोसीजर के बाद मरीज़ ने तेजी से रिकवर किया। मरीज़ को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है। माइट्रल टी.ई.ई.आर. एक न्यूनतम इनवेसिव, कैथेटर आधारित उपचार पद्धति है, जो गंभीर माइट्रल रिगर्जिटेशन से पीड़ित ऐसे चयनित मरीजों के लिए उपयोगी है, जिनमें पारंपरिक ओपन-हार्ट सर्जरी का जोखिम अधिक हो सकता है। इस प्रक्रिया में एक विशेष क्लिप-आधारित सिस्टम की सहायता से माइट्रल वाल्व की पत्तियों (लीफलेट्स) को एक-दूसरे के करीब लाया जाता है, जिससे ओपन-हार्ट सर्जरी की आवश्यकता के बिना माइट्रल रिगर्जिटेशन को कम किया जा सकता है।

यह भी पढ़ें :  उर्गम घाटी में भारी भूस्खलन, पांचवें केदार कल्पेश्वर मंदिर का रास्ता बंद

यह प्रक्रिया कार्डियोलॉजी विभाग के प्रो. डॉ. तनुज भाटिया, प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष, कार्डियोलॉजी विभाग तथा डॉ. अशोक जयंत, विभागाध्यक्ष-कार्डियक थोरेसिक वैस्क्यूलर सर्जरी (सीटीवीएस) के नेतृत्व में स्ट्रक्चरल हार्ट टीम, कार्डियक एनेस्थीसिया, इकोकार्डियोग्राफी, कैथ-लैब, नर्सिंग एवं तकनीकी टीमों के समन्वित प्रयासों से सफलतापूर्वक की गई।

प्रो. डाॅ तनुज भाटिया ने जानकारी दी कि इस सफल प्रक्रिया के साथ श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के स्ट्रक्चरल हार्ट डिजीज प्रोग्राम का महत्वपूर्ण विस्तार हुआ है। अब श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में पहले से उपलब्ध उन्नत स्ट्रक्चरल हार्ट प्रक्रियाओं के साथ मित्रल वाल्व की ट्रांसकैथेटर इंटरवेंशन सुविधा भी जुड़ गई है। एसजीआरआर के कार्डियोलॉजी विभाग ने समय के साथ अपनी इंटरवेंशनल क्षमताओं का लगातार विस्तार किया है। विभाग में दो कार्डियक कैथेटराइजेशन लैबोरेटरी, आईवीयूएस, ओसीटी और एनआईआरएस सहित इंट्राकोरोनरी इमेजिंग, कोरोनरी फिजियोलॉजी, जटिल कोरोनरी इंटरवेंशन तथा ट्रांसकैथेटर वाल्व इंटरवेंशन जैसी उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। विभाग ने अपने अकादमिक एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का भी विस्तार किया है और वर्ष 2026 में डी.एम. कार्डियोलॉजी की सीटों की संख्या बढ़ाकर छह कर दी गई है।

यह भी पढ़ें :  आज फिर अंकिता हत्याकांड के सभी आरोपियों की जमानत याचिका खारिज, धामी सरकार की मजबूत पैरवी के चलते दोषियों को नहीं मिली राहत, SIT जांच, 500 पन्नों की चार्जशीट और करीब 100 गवाहों के आधार पर हुई मजबूत पैरवी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *