नई दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रहे सैन्य अभियान को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपने रणनीतिक लक्ष्यों के बहुत करीब पहुंच चुका है और आने वाले 2-3 हफ्तों में इस युद्ध को पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों, खासकर इजरायल, को किसी भी हालत में नुकसान नहीं होने देगा।

अभियान में ईरान को भारी नुकसान

ट्रंप ने राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा कि अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान में ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है, उसकी वायुसेना कमजोर हो गई है और कई उच्च अधिकारी मारे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य ईरान की सैन्य ताकत को समाप्त करना था, जो अब लगभग पूरा हो चुका है।

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आगामी हमले और रणनीति

राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर कूटनीतिक प्रयास विफल होते हैं, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य अहम ढांचे को निशाना बना सकता है। उन्होंने अन्य देशों से आग्रह किया कि वे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

युद्ध की जरूरत और तेल पर असर

ट्रंप ने इसे अमेरिका और विश्व की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान आतंकवाद को लंबे समय से समर्थन दे रहा है और परमाणु हथियार बनाने के करीब था। उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।

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इसके अलावा, उन्होंने हाल के दिनों में वैश्विक तेल कीमतों में वृद्धि के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि तेल टैंकरों पर हमलों से वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हुई। ट्रंप ने क्षेत्रीय सहयोगियों सऊदी अरब, कतर, यूएई, कुवैत और बहरीन की तारीफ करते हुए भरोसा जताया कि अमेरिका इस संकट का सामना करने में सक्षम है।

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