नई दिल्ली : भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल एन. एस. राजा सुब्रमणि ने देश के नए चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया है। उनके पदभार संभालने के साथ ही देश की तीनों सेनाओं— थल सेना, नौसेना और वायु सेना के बीच समन्वय और संयुक्त सैन्य रणनीति को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर आ गई है।

लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि भारतीय सेना के सबसे अनुभवी और सम्मानित अधिकारियों में गिने जाते हैं। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में अहम योगदान दिया है। वे भारतीय सेना के वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ, सेंट्रल कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) तथा नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल सचिवालय में मिलिट्री एडवाइजर जैसी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं।

यह भी पढ़ें :  पौड़ी गढ़वाल : अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित

गढ़वाल राइफल्स की 8वीं बटालियन से जुड़े रहे राजा सुब्रमणि का सैन्य नेतृत्व और रणनीतिक अनुभव उन्हें इस महत्वपूर्ण पद तक लेकर आया है। वे गढ़वाल राइफल्स एवं गढ़वाल स्काउट्स के 22वें कर्नल ऑफ द रेजिमेंट भी रह चुके हैं। उनके कार्यकाल में सैनिक कल्याण, प्रशिक्षण और संचालन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण पहल की गई थीं।

उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM), सेना मेडल तथा विशिष्ट सेवा मेडल जैसे प्रतिष्ठित सैन्य अलंकरणों से सम्मानित किया जा चुका है।

यह भी पढ़ें :  नंदा की चौकी पुल पूरी तरह सुरक्षित, एप्रोच रोड धंसी, सचिव लोक निर्माण विभाग पंकज कुमार पांडेय बोले जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर होगी कार्रवाई

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि नए CDS के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल राजा सुब्रमणि का अनुभव भारतीय सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, संयुक्त सैन्य कमान व्यवस्था और थिएटराइजेशन प्रक्रिया को नई गति देगा। साथ ही बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में उनकी भूमिका देश की रक्षा रणनीति को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

उनके कार्यभार ग्रहण करने पर सेना के अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और देशभर के लोगों ने शुभकामनाएं दी हैं। इसे भारतीय सशस्त्र बलों के लिए एक महत्वपूर्ण और गौरवपूर्ण क्षण माना जा रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *