नंदानगर/चमोली : शहीद जगदीश प्रसाद पुरोहित राजकीय महाविद्यालय नंदानगर, चमोली में संविधान दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर भारत के राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण देशभक्तिमय हो गया। कार्यक्रम का नेतृत्व महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. विद्या शंकर शर्मा ने किया। इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक गण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।

अपने संबोधन में, प्राचार्य प्रो. विद्या शंकर शर्मा ने छात्र-छात्राओं को भारतीय संविधान के महत्व और राष्ट्र निर्माण में इसकी भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने संविधान को लागू होने तक की पूरी प्रक्रिया को विस्तार से समझाया, जिससे विद्यार्थियों को संविधान के निर्माण के पीछे की कड़ी मेहनत और दूरदृष्टि को समझने का अवसर मिला।

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प्रो. शर्मा ने संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के अमूल्य योगदान को रेखांकित करते हुए उनके विचारों और आदर्शों से छात्रों का ज्ञानवर्धन किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार डॉ. अंबेडकर के नेतृत्व में भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता, न्याय और बंधुत्व के अधिकार प्रदान किए।

इस दौरान, प्राचार्य ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक महत्व और राष्ट्रभक्ति की भावना को भी उजागर किया। उन्होंने बताया कि कैसे यह अमर गीत स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है और आज भी देशवासियों में राष्ट्रीय एकता और अखंडता की भावना को मजबूत करता है।

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कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित लोगों ने संविधान के प्रति अपनी निष्ठा और राष्ट्र प्रेम का संकल्प दोहराया। महाविद्यालय परिसर में देशभक्ति और संवैधानिक मूल्यों का वातावरण छाया रहा, जिससे सभी विद्यार्थी भारतीय संविधान के प्रति अधिक जागरूक और गौरवान्वित महसूस कर रहे थे।

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