हरिद्वार/देहरादून : उत्तराखंड राज्य आंदोलन के प्रमुख योद्धा, उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के संस्थापक सदस्य, पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री दिवाकर भट्ट का आज शाम करीब 4:30 बजे हरिद्वार के तरुण हिमालय स्थित आवास पर निधन हो गया। वे 79 वर्ष के थे।

लंबी बीमारी से जूझ रहे दिवाकर भट्ट पिछले कई दिनों से देहरादून के महंत इंद्रेश अस्पताल में भर्ती थे। आज दोपहर परिजनों ने उन्हें घर लाने का निर्णय लिया। घर पहुंचने के कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ी और उन्होंने अंतिम सांस ली।

यह भी पढ़ें :  तिरंगे का सम्मान : CM उमर अब्दुल्ला ने तिरंगे रंग की रिबन काटने से किया इनकार

1970 के दशक से ही अलग राज्य की लड़ाई में कूदने वाले दिवाकर भट्ट ने वन आंदोलन से लेकर राज्य आंदोलन तक कई बार लंबी जेल यात्राएं कीं। 1995 में श्रीनगर के श्रीयंत्र टापू आंदोलन का नेतृत्व करने के बाद उन्होंने टिहरी की सबसे ऊंची चोटी खैट पर्वत पर आमरण अनशन भी किया था।

राज्य गठन के बाद भाजपा-उक्रांद गठबंधन सरकार में वे कैबिनेट मंत्री रहे और राजस्व, आपदा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले। खंडूरी सरकार में लागू कठोर भू-कानून के पीछे भी उनकी निर्णायक भूमिका रही। बीएचईएल हरिद्वार में कर्मचारी नेता और कीर्तिनगर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख के रूप में भी वे लंबे समय तक सक्रिय रहे।

यह भी पढ़ें :  युवक ने लगाई अलकनंदा में छलांग, मौत

परिजनों ने बताया कि उनका अंतिम संस्कार कल हरिद्वार में किया जाएगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत राज्य के सभी प्रमुख नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उत्तराखंड राज्य आंदोलन के एक और सिपाही की विदाई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *