​जोशीमठ । सीमांत जनपद चमोली के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बीते बुधवार से जारी मूसलाधार बारिश और भारी बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को भीषण शीतलहर की आगोश में ले लिया है, जिससे सामान्य जनजीवन पूरी तरह ठिठुर गया है। भू-बैकुंठ बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी और नीति घाटी सहित तमाम ऊंचाई वाले इलाके बर्फ की मोटी सफेद चादर से ढक चुके हैं, वहीं विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली और कुआरी पास में भी चांदी जैसी सफेदी बिछ गई है। लगातार हो रही इस बर्फबारी के कारण निचले इलाकों के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे स्थानीय निवासियों को कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनुमान चट्टी से लेकर बद्रीनाथ धाम तक सड़क पर बर्फ की परतें जम चुकी हैं। मौसम की इस मार का सीधा असर बद्रीनाथ धाम में चल रहे मास्टर प्लान के पुनर्निर्माण कार्यों पर भी पड़ा है, जहाँ कड़ाके की ठंड और जमा देने वाली बर्फ के चलते निर्माण कार्यों की गति फिलहाल थम गई है।

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