• स्कैन एंड शेयर से हो पंजीकरण, प्रत्येक कार्मिक को अनिवार्य रूप से बनानी होगी हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री
देहरादून : प्रदेश में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) की मॉडल फैसिलिटी राजकीय दून मेडिकल कॉलेज (जीडीएमसी) अस्पताल सभागार में आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने एबीडीएम के विभिन्न पहलुओं की जानकारियां दी, साथ ही प्रतिभागियों ने भी मिशन के साथ अब तक की जर्नी के अनुभव साझा किए, और क्रियान्वयन की सुगमता को लेकर सुझाव भी दिए।
कार्यशाला में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की प्रबंधक प्रज्ञा पालीवाल ने कहा कि राज्य मिशन निदेशक रीना जोशी आईएएस के निर्देशों के अनुक्रम में एबीडीएम के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर कुमाउं से लेेकर गढ़वाल मंडल के अंतर्गत कार्यशाला व जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दून मेडिकल कॉलेज एबीडीएम की मॉडल फैसिलिटी है। आभा आईडी से लेकर हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री, हेल्थ प्रोफेशनल रजिस्ट्री, स्कैन एंड शेयर का उपयोग एबीडीएम का आधार है। चिकित्सा क्षेत्र के प्रत्येक कार्मिकों को एबीडीएम से जुड़कर इस मिशन को सफल बनाना है। उन्होंने कहा कि एबीडीएम के संचालन में कहीं भी कोई दिक्कत होती है मिशन की ओर से तकनीकी सपोर्ट किया जाता है। मिशन के शत प्रतिशत हासिल करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
दून अस्पताल के विभागाध्यक्ष डॉ. सुशील ओझा ने चिकित्सा क्षेत्र के डिजिटलाइजेशन में एबीडीएम उत्तराखंड के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों से मिशन की सफलता में सहभागिता करने की अपील की। वर्कशॉप में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए। क्रियान्वयन में आने वाली व्यवहारिक व तकनीकी दिक्कतों पर भी यहां वक्ताओं ने रोशनी डाली।
इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा देवेश चौहान, डा संजय, डा विपिन, डा विद्याभूषण, डा ज्योति चौहान, राजेश रावत, अमित अग्रवाल, एबीडीएम टीम के पंकज नेगी, अमृतराज पोखरियाल, अंकुर यादव, प्रणव शर्मा, बीएफए के प्रतिनिधि नितेश यादव आदि शामिल रहे।


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