नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में पड़ रही भीषण गर्मी और लू के चलते बिजली की मांग में तेज उछाल दर्ज किया गया है। शुक्रवार को देश में बिजली की पीक डिमांड 252.07 गीगावॉट (GW) तक पहुंच गई, जो इस सीजन का अब तक का उच्चतम स्तर है।

ऊर्जा मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार यह बढ़ोतरी ऐसे समय में सामने आई है, जब भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में लगातार लू चलने की चेतावनी दी है। विभाग ने मई और जून में तापमान और अधिक बढ़ने का अनुमान जताया है।

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आंकड़ों के मुताबिक, गुरुवार को बिजली की पीक मांग करीब 240 गीगावॉट रही, जबकि अधिकतम आपूर्ति 240.12 गीगावॉट दर्ज की गई थी। वहीं बुधवार को यह आंकड़ा 239.70 गीगावॉट था। लगातार बढ़ती मांग यह संकेत दे रही है कि गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत भी तेजी से बढ़ रही है।

ऊर्जा विशेषज्ञ राजेश चौरसिया के अनुसार, तापमान में वृद्धि के साथ कूलिंग उपकरणों, जैसे एयर कंडीशनर, कूलर और रेफ्रिजरेशन—का इस्तेमाल बढ़ जाता है, जिससे बिजली की मांग में अचानक उछाल आता है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ने पर खपत में और वृद्धि की संभावना है। सरकार ने पहले ही अनुमान लगाया था कि इस गर्मी में बिजली की पीक मांग 270 गीगावॉट तक पहुंच सकती है। ताजा आंकड़े इस अनुमान के करीब पहुंचते नजर आ रहे हैं।

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गौरतलब है कि इस साल की मांग ने पिछले वर्ष जून में दर्ज 242.77 गीगावॉट के स्तर को भी पार कर लिया है। ऐसे में बिजली मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राज्यों को आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि लू का असर जारी रहता है, तो आने वाले हफ्तों में बिजली की मांग नए रिकॉर्ड बना सकती है।

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