बागेश्वर। जिले के कांडा थाना क्षेत्र अंतर्गत बांसतोली गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) कमला देवी (47) का शव सोमवार सुबह घर के समीप खेत में एक पेड़ से लटका मिला। पुलिस ने प्रथम दृष्टया इसे आत्महत्या का मामला माना है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। घटना के बाद परिजनों ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के दबाव को इस घटना की वजह बताया है, जबकि निर्वाचन प्रशासन ने ऐसे किसी दबाव से इनकार किया है।

कमला देवी रविवार सुबह रोज़ की तरह उठीं और पति पूरन राम के साथ चाय पी। इसके बाद उनके पति दूध निकालने के लिए गोशाला चले गए। लौटने पर कमला घर में नहीं मिलीं। तलाश करने पर उनका शव घर के पास एक पेड़ से लटका मिला। सूचना मिलने पर कांडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पति ने लगाया एसआईआर कार्य के दबाव का आरोप

मृतका के पति पूरन राम का आरोप है कि कमला देवी पिछले कुछ दिनों से एसआईआर के तहत नोटिस वितरण और अन्य चुनावी कार्यों को लेकर मानसिक तनाव में थीं। उनका कहना है कि 31 जुलाई तक 88 नोटिस वितरित करने का लक्ष्य था, जबकि समय सीमा को लेकर लगातार अधिकारियों के फोन आ रहे थे। साथ ही मतदाताओं की नाराजगी का भी सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने बताया कि 5 और 6 अगस्त को प्रस्तावित एसआईआर शिविर की तैयारी को लेकर भी कमला चिंतित थीं और पिछले दो दिनों से लंबित कार्यों की चर्चा लगातार कर रही थीं।

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निर्वाचन अधिकारी ने दबाव की बात से किया इनकार

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 46 विधानसभा क्षेत्र कपकोट, अनिल चन्याल ने कहा कि कमला देवी ने बीएलओ के रूप में सराहनीय कार्य किया था। उन्होंने कभी किसी स्तर पर कार्य के दबाव या तनाव की शिकायत नहीं की। अधिकारी के अनुसार, कमला देवी ने सभी 88 नोटिसों का वितरण भी पूरा कर लिया था। यदि किसी प्रकार की कठिनाई होती तो इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा सकती थी।

परिवार की आर्थिक आधार थीं कमला देवी

कमला देवी मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के कालसीला (बेरीनाग) की निवासी थीं। वर्ष 2003 में उनका विवाह बांसतोली निवासी पूरन राम से हुआ था। उसी वर्ष उनकी नियुक्ति आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में हुई थी। वह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के साथ-साथ बीएलओ का अतिरिक्त दायित्व भी निभा रही थीं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं पर थी। उनकी बेटी MSC की पढ़ाई कर रही है, जबकि बेटा लोकेश उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहा है। परिजनों का कहना है कि सीमित आय के बावजूद कमला देवी ने बच्चों की पढ़ाई में कभी कमी नहीं आने दी। अब उनके निधन के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है।

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स्थानीय लोगों ने सहायता और निष्पक्ष जांच की मांग की

ग्राम प्रधान तुला राम, जिला पंचायत सदस्य हेमलता सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने के साथ ही परिवार को आर्थिक सहायता, आश्रितों को रोजगार और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की मांग की है।

जिले में 405 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता निभा रही हैं बीएलओ की जिम्मेदारी

बागेश्वर जिले में वर्तमान एसआईआर अभियान के तहत 405 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बीएलओ के रूप में कार्य कर रही हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार, मतदाता सूची में विसंगतियों को दूर करने का कार्य जारी है। विभाग का कहना है कि नई डिजिटल व्यवस्था के कारण तकनीकी चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिनके समाधान के लिए संबंधित कर्मचारियों और शिक्षकों की सहायता ली जा रही है।

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पुलिस ने शुरू की जांच

कांडा थाना प्रभारी बलवंत कम्बोज ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं मिली है और पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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