नई दिल्ली: उत्तराखंड के चमोली जिले की प्रतिभाशाली धाविका भागीरथी बिष्ट ने 11वें कॉग्निजेंट न्यू दिल्ली मैराथन में शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की फुल मैराथन श्रेणी में रजत पदक अपने नाम किया है। ‘फ्लाइंग गर्ल’ के नाम से मशहूर 24 वर्षीय भागीरथी ने 42.195 किलोमीटर की कठिन दौड़ को 2 घंटे 43 मिनट 28 सेकंड में पूरा कर द्वितीय स्थान हासिल किया।

रविवार को आयोजित इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय स्तर की मैराथन में देशभर से हजारों धावकों ने हिस्सा लिया। एलीट महिलाओं की श्रेणी में ठाकोर निर्माबेन भारतजी (2:41:15) ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि भागीरथी बिष्ट ने रजत पदक पर कब्जा जमाया। तीसरे स्थान पर अश्विनी मदन जाधव (2:56:59) रहीं।

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चमोली जिले के देवाल ब्लॉक के वाण गांव की बेटी भागीरथी ने अपनी बेहतरीन रणनीति, संतुलित गति और अटूट धैर्य से सभी को प्रभावित किया। कड़े मुकाबले के बावजूद उन्होंने आत्मविश्वास बनाए रखा और दौड़ पूरी की। उनकी इस सफलता से चमोली जनपद सहित पूरे उत्तराखंड में खुशी की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासी, खेल प्रेमी और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें बधाई दी है तथा भविष्य में और बड़ी उपलब्धियां हासिल करने की शुभकामनाएं व्यक्त की हैं।

भागीरथी के कोच एवं अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक सुनील शर्मा ने बताया, “भागीरथी ने पूरी दौड़ में संयम और फोकस बनाए रखा। कठिन प्रतिस्पर्धा के बीच उन्होंने अपनी रणनीति पर अडिग रहकर यह उपलब्धि हासिल की।” उल्लेखनीय है कि भागीरथी पहले भी कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं, जिनमें ईरान में हाफ मैराथन और देश के विभिन्न मैराथन में स्वर्ण पदक शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने 85वीं ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स चैंपियनशिप में हाफ मैराथन में स्वर्ण पदक भी जीता था।

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वर्तमान में पौड़ी जनपद के रासी स्टेडियम में नियमित अभ्यासरत भागीरथी का सपना ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए मैराथन में पदक जीतना है। उनकी यह उपलब्धि न केवल चमोली बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है, जो दिखाती है कि कड़ी मेहनत और लगन से पहाड़ी क्षेत्रों से भी विश्व स्तर की सफलता हासिल की जा सकती है।

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