गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शनिवार को मनरेगा बचाओं संग्राम के तहत शनिवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से एक ज्ञापन राष्ट्रपति को भेज कर मनरेगा को मूल स्वरूप में लाने की मांग की गई। जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए बदरीनाथ के विधायक लखपत सिंह बुटोला ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब अकुशल और कुशल मजदूरों को मनरेगा के तहत गारंटेड रोजगार मिल रहा था लेकिन भाजपा सरकार को यह गारंटी कानून भाया नहीं और उसने उसे बदल कर अब वीबीजी रामजी बना दिया है और उपर से उसमें नये प्रावधान भी लगा दिए है कि योजना का 60 फीसदी धन राज्य सरकार को लगाना होगा। जबकि पूर्व में 10 फीसदी ही राज्य को लगाना होता था। कहा कि राज्य सरकारें पहले ही कर्जे के बोझ तले दबी हुई हैं। ऐसे में ग्रामीण गरीब मजदूरों को रोजगार मिलना मुश्किल भरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इसमें एक और फेर बदल किया है। इसके अनुसार केंद्र सरकार ही निर्णय करेगी कि उसे धन किस ग्राम सभा की किस योजना में लगाना है। ऐसी दशा में ग्राम सभाओं में होने वाले काम भी अब केंद्र सरकार पर निर्भर करेंगे। इससे गांवों में होने वाले कार्यों पर भी प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने राष्ट्रपति से मांग की है कि मनरेगा को पूर्व के स्वरूप में वापस लाते हुए ग्रामीण गरीब मजदूरों के हितों की रक्षा की जाए।

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कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सुरेश डिमरी का कहना था कि कांग्रेस ने मनरेगा लाकर ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को सौ दिन का रोजगार देने का वायदा किया था। इसका लाभ ग्रामीणों को मिल रहा था। यह वही योजना थी जिसने करोना काल के दौरान ग्रामीणों की आर्थिकी पर किसी भी प्रकार का असर नहीं पड़ने दिया। करोना काल में बाहरी प्रदेशों से अपने गांव लौटे लोगों को भी इसका लाभ मिला और वह सभी गांव में रहकर ही अपनी रोजी रोटी चलाने लगे थे लेकिन भाजपा सरकार नहीं चाहती की गरीब मजदूर अपने गांव में रहकर की अपनी रोजी रोटी चलाएं। इसलिए उन्होंने वीबीजी रामजी योजना लाकर गरीबों के हकों को छीनने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करती है और जब तक मनरेगा को उसे पूर्व स्वरूप में नहीं लाया जाता तब तक आंदोलन चलता रहेगा।

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धरना प्रदर्शन में नगराध्यक्ष योगेंद्र सिंह बिष्ट, ऊषा रावत, पूर्व प्रमुख कमल सिंह रावत, सुपिया सिंह राणा, महावीर सिंह बिष्ट, धीरेन्द्र गरोडिया, विक्रम नेगी, संदीप झिंक्वाण, विजया कंडारी, महेंद्र नेगी, महेश शंकर त्रिकोटी, अनिल कठैत, शूरसिंह बिष्ट, कुंवर सिंह भंडारी, मुकुल बिष्ट, संदीप रावत, महिपाल सिंह रावत, महिपाल सिंह बिष्ट, अरुणा डंडवासी, लीला रावत, पार्षद सूर्य प्रकाश पुरोहित, रविंद्र बर्त्वाल, दीपा बिष्ट, यमुना कुंवर, गंगा देवी, किशन बर्त्वाल आदि मौजूद रहे।

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