नई दिल्ली/शामली। देश के सबसे महत्वाकांक्षी सड़क परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे उद्घाटन के महज ढाई महीने बाद ही अपनी गुणवत्ता को लेकर चर्चा में आ गया है। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में इंटरचेंज के पास सड़क पर बने गहरे गड्ढों के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इसके बाद एक्सप्रेसवे के निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, शामली इंटरचेंज के निकट लिसाड़ गांव के पास एक्सप्रेसवे पर बने गहरे गड्ढों की चपेट में आने से कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कुछ वाहनों के टायर फट गए, रिम टूट गए और तेज रफ्तार में चल रहे वाहन अचानक अनियंत्रित हो गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

यह भी पढ़ें :  भारी बारिश के चलते दो दिन के लिए चारधाम यात्रा स्थगित, यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने सड़क की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। वायरल वीडियो में क्षतिग्रस्त वाहनों और सड़क पर बने बड़े गड्ढों को देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद लोग करोड़ों रुपये की लागत से बने एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता पर सवाल उठा रहे हैं।

हादसे का खतरा, मरम्मत की उठी मांग

स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि यदि गड्ढों की तत्काल मरम्मत नहीं की गई तो यहां कभी भी बड़ा सड़क हादसा हो सकता है। घटना की जानकारी संबंधित एजेंसी और अधिकारियों को दे दी गई है। लोगों ने एक्सप्रेसवे के क्षतिग्रस्त हिस्से की तत्काल मरम्मत और निर्माण गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है।

यह भी पढ़ें :  राज्य निगम कर्मचारी महासंघ ने वित्त सचिव रणवीर सिंह चौहान से की शिष्टाचार भेंट

12 हजार करोड़ रुपये की लागत से बना है एक्सप्रेसवे

करीब 210 किलोमीटर लंबा दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे लगभग 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। इसका उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को किया गया था। यह एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम क्षेत्र से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के बागपत, बरौत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर होते हुए देहरादून तक जाता है। इस परियोजना के शुरू होने से दिल्ली और देहरादून के बीच यात्रा का समय काफी कम हो गया है। एक्सप्रेसवे पर सात इंटरचेंज, दो रेल ओवरब्रिज और 10 प्रमुख पुल बनाए गए हैं ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके।

यह भी पढ़ें :  अवैध निर्माण पर एमडीडीए का एक्शन तेज, देहरादून और ऋषिकेश में दो निर्माण सील

गुणवत्ता पर उठे सवाल

उद्घाटन के कुछ ही महीनों बाद सड़क पर गहरे गड्ढे बनने की घटनाओं ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि संबंधित एजेंसियां इन गड्ढों की मरम्मत के साथ-साथ निर्माण में संभावित लापरवाही की जांच के लिए क्या कदम उठाती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *