चमोली। (Uttarakhand News) जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। भारी वर्षा के चलते पगनो गांव में मलबा आवासीय क्षेत्र तक पहुंच गया, जिससे एक घर में रह रहे दो बुजुर्ग फंस गए। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सतेश्वर प्रसाद और सीता देवी मलबा घर में घुसने के कारण अंदर फंस गए थे। स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और दोनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।

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स्थानीय निवासी बदरी प्रसाद सुंदरियाल ने बताया कि लगातार हो रही बारिश से गांव की कृषि भूमि और खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कई स्थानों पर खेतों में मलबा भर गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

वहीं, देर रात से जारी बारिश के कारण बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पागल नाला के पास मलबा और बोल्डर आने से बंद हो गया। राजमार्ग के दोनों ओर कई यात्रा वाहन फंस गए हैं और बड़ी संख्या में तीर्थयात्री सड़क खुलने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को जल्द से जल्द सुचारु करने के प्रयास में जुटी हैं।

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इधर, राज्यभर में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, मलबा और अन्य कारणों से प्रदेश में कुल 27 ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इनमें देहरादून जिले में सबसे अधिक 10, टिहरी में 6, पिथौरागढ़ में 5, बागेश्वर में 3, चमोली में 2 और चंपावत जिले में 1 ग्रामीण मार्ग बंद है।

संबंधित विभागों द्वारा सभी बंद मार्गों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है। प्रशासन ने लगातार हो रही बारिश को देखते हुए लोगों और यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी सलाह का पालन करने की अपील की है।

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