नई दिल्ली : बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने राहुल गांधी की संसदीय सदस्यता समाप्त करने और उन्हें आजीवन चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित करने की मांग करते हुए एक सब्सटेंटिव मोशन (substantive motion) का नोटिस दिया है।

यह नोटिस 12 फरवरी 2026 को लोकसभा में दिया गया, जो राहुल गांधी के हालिया लोकसभा भाषण के एक दिन बाद आया है। राहुल गांधी ने बजट सत्र के दौरान इंडिया-यूएस ट्रेड डील और यूनियन बजट पर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट्स (जुजुत्सु) से जोड़ते हुए कहा था कि राजनीति में ‘ग्रिप’ (पकड़), ‘चोक’ (गला घोंटना) और ‘टैप’ (समर्पण) की प्रक्रिया छिपी होती है, और उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने भारत सरकार को ‘चोक’ में लिया हुआ है। इस बयान पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताई थी और सदन में कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग की थी।

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निशिकांत दुबे ने अपने मोशन में आरोप लगाया है कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं और वे सोरोस फाउंडेशन, फोर्ड फाउंडेशन, यूएसएआईडी जैसे संगठनों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम, कंबोडिया और अमेरिका जैसे देशों में यात्राएं करते हैं और कथित तौर पर ‘एंटी-इंडिया फोर्सेस’ के साथ मिलकर काम करते हैं। दुबे ने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार हनन (privilege motion) का प्रस्ताव नहीं है, बल्कि एक सब्सटेंटिव मोशन है, जिसमें राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने और उन्हें स्थायी रूप से चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की गई है। राहुल गांधी से जब इस मोशन पर सवाल किया गया, तो उन्होंने व्यंग्यात्मक जवाब दिया, “आप लोगों को वे लोग कीवर्ड्स देते हैं क्या?”

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पृष्ठभूमि में राहुल गांधी की पिछली सदस्यता रद्द होना यह घटना राहुल गांधी के लिए नई नहीं है। वर्ष 2023 में, 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान (कर्नाटक के कोलार में) पर मानहानि के मामले में सूरत की अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके बाद उनकी लोकसभा सदस्यता अस्थायी रूप से रद्द कर दी गई थी। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से सजा पर रोक लगी और उनकी सदस्यता बहाल हो गई।

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यदि यह मोशन सदन में आगे बढ़ता है और स्वीकार होता है, तो राहुल गांधी के लिए राजनीतिक और संसदीय चुनौतियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल, यह नोटिस लोकसभा की कार्यवाही में चर्चा का विषय बना हुआ है, और कांग्रेस ने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दिया है। कांग्रेस ने कहा कि निशिकांत दुबे मंत्री बनने की चाह में ऐसा कर रहे हैं।

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