गोपेश्वर (चमोली)। विकासखंड नारायणबगड़ में पिछले दो दिनों से आवारा एवं संदिग्ध रूप से आक्रामक कुत्तों के लोगों को काटने की घटनाओं के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आमजन और पशुधन की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर क्षेत्र में रेस्क्यू, वैक्सीनेशन और निगरानी अभियान तेज कर दिया गया है।

पशुपालन, राजस्व, वन, पुलिस, जिला पंचायत और डीडीआरएफ की संयुक्त टीमें नारायणबगड़ बाजार और आसपास के क्षेत्रों में अभियान चला रही हैं। संदिग्ध और आक्रामक कुत्तों को पकड़ने के लिए विशेषज्ञ डॉग कैचर टीम को भी मौके पर लगाया गया है। अभियान के दौरान अब तक 20 से अधिक आवारा कुत्तों को एआरवी वैक्सीन लगाया जा चुका है।

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पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर संभावित रूप से प्रभावित पशुओं की पहचान कर उनका टीकाकरण कर रही हैं। पशुधन की सुरक्षा को देखते हुए गायों को भी एआरवी वैक्सीन लगाया जा रहा है। पशुपालकों को पशुओं की निगरानी और जरूरी सावधानियों की जानकारी भी दी जा रही है।

मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि नारायणबगड़ और आसपास के क्षेत्रों में पशुपालन विभाग की ओर से दो वैक्सीनेशन एवं राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं। शिविरों के अलावा विभागीय टीमें घर-घर पहुंचकर संभावित रूप से प्रभावित पशुओं की पहचान, वैक्सीनेशन और आवश्यक चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध करा रही हैं।

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बाजार और आसपास के इलाकों में अन्य कुत्तों के संक्रमित अथवा आक्रामक होने की आशंका को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई है। तहसील प्रशासन, डीडीआरएफ और पुलिस की टीमें क्षेत्र में तैनात हैं और स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि संदिग्ध या आक्रामक व्यवहार करने वाले कुत्तों के पास न जाएं और बच्चों को भी ऐसे कुत्तों से दूर रखें। किसी संदिग्ध कुत्ते या काटने की घटना की सूचना तत्काल स्थानीय प्रशासन, पुलिस अथवा संबंधित विभाग को दें।

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