• धर्मपुर के सिद्धपीठ प्राचीन श्री शिव मंदिर में शिव महापुराण कथा के द्वितीय दिवस पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, शिव भक्ति और सदाचार का दिया संदेश

देहरादून : धर्मपुर चौक स्थित सिद्धपीठ प्राचीन श्री शिव मंदिर में आयोजित दिव्य एवं भव्य संगीतमय श्री शिव महापुराण कथा ज्ञान महायज्ञ के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास एवं शिव आराधक आचार्य सुभाष जोशी ने श्रद्धालुओं को श्री शिव महापुराण के आध्यात्मिक महत्व का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव की कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण मनुष्य को पापों से मुक्ति दिलाने के साथ जीवन को धर्म, सदाचार और भक्ति के मार्ग पर अग्रसर करता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य के चरित्र का पतन उसके सर्वांगीण विनाश का कारण बनता है, जबकि शिव कथा समस्त दुखों एवं व्यथाओं का नाश करने वाली दिव्य साधना है।

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आचार्य सुभाष जोशी ने कहा कि कलियुग में भगवान की प्राप्ति श्रवण, मनन और कीर्तन जैसे सरल साधनों से सहज रूप में संभव है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपने जीवन में शिव भक्ति, नैतिक मूल्यों और धर्म का पालन करने का आह्वान करते हुए कहा कि सच्ची श्रद्धा और पश्चाताप से भगवान शिव की कृपा सहज ही प्राप्त की जा सकती है।

बिंदुग और चंचुला की कथा से दिया भक्ति का संदेश

कथा प्रसंग के दौरान आचार्य ने समुद्र तट के समीप स्थित वास्कल ग्राम का उल्लेख करते हुए बिंदुग और चंचुला की प्रेरणादायी कथा सुनाई। उन्होंने बताया कि बुरी संगति के कारण ब्राह्मण बिंदुग जुआ, चोरी और अन्य अनैतिक कार्यों में लिप्त हो गया तथा सर्पदंश से मृत्यु के बाद उसे नरक की यातनाएं भोगनी पड़ीं और पिशाच योनि प्राप्त हुई।

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आचार्य ने बताया कि दूसरी ओर उसकी पत्नी चंचुला ने अपने कर्मों पर पश्चाताप करते हुए गोकर्ण क्षेत्र में श्रद्धापूर्वक श्री शिव महापुराण कथा का श्रवण किया। उसकी निष्कपट भक्ति से प्रसन्न होकर माता पार्वती ने गंधर्वराज तुम्बुरु को शिवगणों सहित विंध्य पर्वत भेजा, जहां उन्होंने बिंदुग को श्री शिव महापुराण की कथा सुनाई। कथा के प्रभाव से उसके समस्त पाप नष्ट हो गए और वह पिशाच योनि से मुक्त होकर दिव्य स्वरूप प्राप्त कर अपनी पत्नी के साथ शिवलोक को प्राप्त हुआ।

आचार्य सुभाष जोशी ने इस प्रसंग के माध्यम से कहा कि सच्चे पश्चाताप, भगवान शिव की आराधना और श्री शिव महापुराण कथा के श्रवण से मनुष्य के बड़े से बड़े पाप भी नष्ट हो सकते हैं तथा उसे मोक्ष का मार्ग प्राप्त होता है।

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इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष सीताराम भट्ट, देवेन्द्र अग्रवाल, दीपक शर्मा, आत्माराम शर्मा, सुनील कौशिक, संदीप कुमार, अशोक सूदी, प्रमोद शर्मा, श्रीमती सुदेश हुरला, श्रीमती अर्चना ठाकुर, श्रीमती शर्मिला भट्ट, मंजू, अन्नू, संगीता खन्ना सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

द्वितीय दिवस के यजमान के रूप में सीताराम भट्ट, मदन हरला, सुरेंद्र गुप्ता, दुर्गा प्रसाद मलेथा, रमन गुप्ता, कमल शर्मा एवं लक्ष्मी चौहान ने पूजन-अर्चन किया। वहीं रमन गुप्ता, सुनीता जोशी, ललित अग्रवाल, शिव शंकरजी, सुषमा, डिमरी, सरिता एवं शिवगणों की ओर से श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयघोष के साथ प्रसाद ग्रहण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

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