देहरादून/कोटद्वार: उत्तराखण्ड सूचना आयोग ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत सूचना उपलब्ध न कराने के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम कण्वनगरी, कोटद्वार के सहायक नगर आयुक्त एवं लोक सूचना अधिकारी चन्द्रशेखर शर्मा पर ₹10,000 का जुर्माना लगाया है। आयोग ने साथ ही उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की भी संस्तुति की है।

यह आदेश मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में शिकायत संख्या 16648/2025-26 की सुनवाई के दौरान पारित किया गया। शिकायतकर्ता अंशुल चन्द्र बुडाकोटी ने आयोग में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया था कि उनके द्वारा मांगी गई सूचना समय पर और पूर्ण रूप से उपलब्ध नहीं कराई गई।

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क्या है मामला

शिकायतकर्ता ने नगर निगम कोटद्वार से एक मृत्यु प्रमाण पत्र से संबंधित आपत्ति पर की गई कार्यवाही की जानकारी मांगी थी। आरोप है कि कई बार अनुरोध करने के बावजूद उन्हें स्पष्ट और पूर्ण सूचना नहीं दी गई। यहां तक कि आयोग के पूर्व आदेश (16 अक्टूबर 2025) के अनुपालन में भी सूचना अधूरी रही।

आयोग की सख्ती

सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि लोक सूचना अधिकारी द्वारा सूचना देने में गंभीर लापरवाही बरती गई। आयोग ने पहले कारण बताओ नोटिस जारी किया था, लेकिन संतोषजनक जवाब न मिलने पर इसे अंतिम करते हुए ₹10,000 का दंड अधिरोपित किया गया।

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आयोग ने अपने आदेश में कहा कि RTI अधिनियम के प्रति इस तरह की उदासीनता स्वीकार्य नहीं है और यह पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है।

जिलाधिकारी को भी निर्देश

आयोग ने मामले में जिलाधिकारी, पौड़ी गढ़वाल को भी हस्तक्षेप करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कहा है कि शिकायतकर्ता के आरोपों का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारी से स्पष्टीकरण लिया जाए और यदि अनियमितता पाई जाए तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

वेतन से होगी वसूली

आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं किया गया तो यह राशि संबंधित अधिकारी के वेतन/देयकों से काटकर राजकोष में जमा कराई जाएगी।

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ई-चालान से जमा होगी राशि

जुर्माने की राशि राज्य सरकार के ई-चालान पोर्टल के माध्यम से “Right to Information Act 2005” शीर्ष के अंतर्गत जमा करनी होगी।

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