चमोली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में उत्तराखंड भर में हिंदू समाज को एकजुट करने की मुहिम तेज हो गई है। इसी कड़ी में आगामी 17 फरवरी 2026 को जोशीमठ में एक ‘विराट हिंदू सम्मेलन’ का आयोजन किया जाएगा। संघ द्वारा शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित किए जा रहे राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों के अंतर्गत, 1 फरवरी से 20 फरवरी तक प्रदेशभर में विशाल सम्मेलनों की श्रृंखला चलाई जा रही है।
​न्याय पंचायत स्तर तक पहुंचेंगे कार्यक्रम
जिला संयोजक अतुल शाह ने कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जनपद चमोली में कुल 23 विशेष कार्यक्रम निश्चित किए गए हैं। संघ की योजना इन कार्यक्रमों को केवल नगरों तक सीमित न रखकर न्याय पंचायत स्तर तक ले जाने की है। उन्होंने कहा कि इन सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज की एकता को सुदृढ़ करना और आने वाली पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूक करना है।
​सामाजिक समरसता और ‘पंच परिवर्तन’ पर जोर
इन सम्मेलनों के माध्यम से जनता के बीच सामाजिक समरसता और ‘पंच परिवर्तन’ (समाज के पांच प्रमुख वैचारिक बदलाव) के विषयों को प्रमुखता से रखा जाएगा। अतुल शाह के अनुसार, इन सभाओं के जरिए समाज में समरसता का भाव जगाने और राष्ट्र निर्माण में हिंदू समाज की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए लोगों को जागृत किया जाएगा। इन कार्यक्रमों की सफलता के लिए ब्लॉक और ग्राम स्तर पर टोलियां बनाकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

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