• जिलाधिकारी ने एससी/एसटी मामलों व दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की समीक्षा

पौड़ी : जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया की अध्यक्षता में सोमवार को एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से संबंधित मामलों तथा दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में लंबित प्रकरणों की स्थिति, उपलब्ध सेवाओं, लाभार्थियों की प्रगति एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

जिलाधिकारी ने एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए सभी प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही गैर-सरकारी सदस्यों से संवाद करते हुए कहा कि वे ऐसे प्रकरणों को बैठक में सक्रिय रूप से उठाएं तथा पीड़ितों की आवाज बनकर उनके हितों की रक्षा सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि जांच एवं कार्रवाई में किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए तथा आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए नियमित रूप से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में एससी/एसटी के अधिकांश पुराने प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है।

यह भी पढ़ें :  चारधाम यात्रा के बीच बड़ा प्रशासनिक फैसला : सोहन सिंह बने बदरी-केदार मंदिर समिति के स्थायी CEO

दिव्यांग पुनर्वास केंद्र की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने दिव्यांगजनों को स्वरोजगार से जोड़ने की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ दिव्यांगजनों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जाए तथा शिविरों का आयोजन कर विभिन्न योजनाओं एवं स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी जाए, जिससे इच्छुक दिव्यांगजनों को योजनाओं से लाभान्वित कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके। बैठक में उपस्थित दिव्यांगजनों द्वारा रोजगार उपलब्ध कराने का अनुरोध किए जाने पर जिलाधिकारी ने उनकी विस्तृत जानकारी एकत्रित कर आवश्यकतानुसार इकाई स्थापित कराने की कार्रवाई करने के निर्देश दिए तथा उनके सुझाव एवं अनुभव भी प्राप्त किए।

यह भी पढ़ें :  पहाड़ी क्षेत्रों में मलेरिया लगभग समाप्त, तराई के सीमित क्षेत्रों पर है फोकस – सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे

उन्होंने निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए तथा जिला अस्पताल में तकनीकी सेवाओं का प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही जिन दिव्यांगजनों के विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र (यूडीआईडी) अभी तक नहीं बने हैं, उनके लिए विशेष अभियान चलाकर कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि दिव्यांगजनों के लिए पर्याप्त मात्रा में कृत्रिम अंग उपलब्ध रखे जाएं तथा आवश्यकता अनुसार उपकरण उपलब्ध कराने हेतु जिला योजना के अंतर्गत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी दिव्यांगजनों का समग्र डेटाबेस तैयार किया जाए, जिसमें उनके प्रमाणपत्र, यूडीआईडी कार्ड, सहायक उपकरण, स्वरोजगार एवं अन्य सुविधाओं का विवरण शामिल हो, ताकि उन्हें योजनाओं का समुचित लाभ उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने कहा कि दिव्यांग मतदाताओं का अद्यतन डाटा भी उपलब्ध रखा जाए, जिससे आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही जिलाधिकारी ने बहुउद्देश्यीय भवन में स्थित दुकानों के संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी को नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

यह भी पढ़ें :  चारधाम यात्रा ने पकड़ी रफ्तार, 2.38 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

बैठक में पुलिस अधीक्षक अनूप काला, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, जिला पंचायतराज अधिकारी जितेंद्र कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, अपर समाज कल्याण अधिकारी अनिल सेमवाल, एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के सदस्य गेंदालाल टम्टा, नरेंद्र टम्टा, अंकित घाघट सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *